home page

गृहमंत्री अमित शाह ने पुडुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' सौंपा

 | 
गृहमंत्री अमित शाह ने पुडुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' सौंपा


पुडुचेरी, 09 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को पुडुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' सौंपा।इस मौके पर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पुडुचेरी के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार में साल 2014 से 2026 तक पुडुचेरी के विकास के लिए 13,762 करोड़ रुपये दिए गए हैं जबकि साल 1950 से 2014 तक की सरकारों मेंं सिर्फ 3,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जो अब लगभग चार गुना अधिक है।

अमित शाह ने पुडुचेरी के गोरिमेडु स्थित पुलिस ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित समारोह में पुडुचेरी पुलिस को प्रतिष्ठित 'राष्ट्रपति पुलिस कलर' से सम्मानित किया।उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन और मुख्यमंत्री एन. रंगासामी समेत अन्य गणमान्य समारोह में उपस्थित रहे।

किसी पुलिस बल को राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलना उसकी पेशेवर क्षमता, साहस, अनुशासन और जनसेवा की प्रतिबद्धता को मिली राष्ट्रीय मान्यता है। पुलिस संगठनों के लिए इसे प्रमुख संस्थागत सम्मानों में शामिल किया जाता है।

इस अवसर पर अमित शाह ने कहा, आज पुडुचेरी पुलिस देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों की सूची में शामिल हो गई है, जिन्हें इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। पुडुचेरी पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित किया जाना बल की बहादुरी, परिश्रम और समर्पण का प्रमाण है। यह उनके सबसे गौरवपूर्ण क्षणों में से एक है। पुडुचेरी दक्षिण भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में केन्द्र सरकार ने पुडुचेरी में 39 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया है। लखपति दीदी, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, शौचालयों का निर्माण, मुफ्त अनाज योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) जैसी पहलों से पुडुचेरी के नागरिकों को लाभ मिला है।

शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने अंग्रेजों द्वारा बनाए गए दंड संहिता को तीन नए आपराधिक कानूनों से प्रतिस्थापित किया है। ये नए कानून केवल दंडात्मक नहीं हैं बल्कि इनका उद्देश्य प्रौद्योगिकी-आधारित और समयबद्ध तरीके से नागरिकों को न्याय दिलाना है। ये नए आपराधिक कानून तीन स्तंभों प्रौद्योगिकी, समयसीमा और विश्वास पर आधारित हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी