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डाक विभाग ने जनजातीय उत्पादों की ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए ट्राइफेड के साथ किया समझौता

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डाक विभाग ने जनजातीय उत्पादों की ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए ट्राइफेड के साथ किया समझौता


नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। डाक विभाग ने जनजातीय कारीगरों को सशक्त बनाने और देशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (ट्राइफेड) के साथ समझौता किया है। इस समझौते से जनजातीय उत्पादों की ई-कॉमर्स बिक्री को मजबूत करने के लिए एक विश्वसनीय और किफायती लॉजिस्टिक ढांचा तैयार किया जाएगा।

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को यहां दोनों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू के अनुसार डाक विभाग ट्राइफेड के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ट्राइब्स इंडिया ई-मार्केटप्लेस, पर किए गए सभी ऑर्डरों के लिए संपूर्ण लॉजिस्टिक समाधान उपलब्ध कराएगा। विभाग अपने व्यापक नेटवर्क और अंतिम छोर तक पहुंच की क्षमता का उपयोग करते हुए उत्पादों की पिकअप, प्रसारण और डिलीवरी सुनिश्चित करेगा। साथ ही शिपमेंट ट्रैकिंग, नियमित रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ एपीआई एकीकरण की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

इस व्यवस्था के तहत ट्राइफेड के लिए बुक नाउ पे लेटर (बीएनपीएल) खाता बनाया जाएगा, जिससे स्पीड पोस्ट के जरिए बुकिंग और भुगतान प्रक्रिया सरल होगी। ट्राइफेड उचित पैकेजिंग, लेबलिंग और ऑर्डर से संबंधित जानकारी साझा करने की जिम्मेदारी निभाएगा।

मंत्रालय ने बताया कि यह पहल जनजातीय समुदायों के लिए आय के अवसर बढ़ाएगी, प्रामाणिक जनजातीय उत्पादों की पहुंच विस्तारित करेगी और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी। एमओयू प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए मान्य रहेगा, जिसे समय-समय पर समीक्षा और आपसी सहमति के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर