डाक विभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक में 16 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर्ज, राजस्थान सर्किल रहा अव्वल
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में आयोजित डाक विभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक में वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान 15,296 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित होने तथा 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि विभाग पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर एक सशक्त, राजस्व आधारित और लॉजिस्टिक्स केंद्रित सेवा तंत्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
बैठक में विभाग के छह प्रमुख क्षेत्रों पार्सल, डाक सेवा, अंतरराष्ट्रीय डाक, डाकघर बचत बैंक, डाक जीवन बीमा तथा नागरिक केंद्रित सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस साल पार्सल क्षेत्र में 69 प्रतिशत वृद्धि के साथ राजस्व 669 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,133 करोड़ रुपये हो गया। डाक सेवाओं में 34 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करते हुए राजस्व 2,396 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,202 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इस साल नागरिक केंद्रित सेवाओं में 70 प्रतिशत वृद्धि के साथ राजस्व 508 करोड़ रुपये से बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गया। डाकघर बचत बैंक का राजस्व 6,888 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,756 करोड़ रुपये हो गया, जबकि डाक जीवन बीमा में 25 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,458 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सर्किल स्तर पर प्रदर्शन की समीक्षा में राजस्थान सर्किल ने 102 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि असम ने 95 प्रतिशत के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बिहार और छत्तीसगढ़ सर्किल ने 94 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। कुल 23 सर्किलों में से 8 सर्किलों ने 90 प्रतिशत से अधिक और 14 सर्किलों ने 80 से 90 प्रतिशत के बीच प्रदर्शन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले सर्किलों को पुरस्कृत भी किया गया।
बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि नागरिक केंद्रित सेवाएं, डाक जीवन बीमा और डाकघर बचत बैंक वित्तीय समावेशन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग की भविष्य की वृद्धि का मुख्य आधार उसकी लॉजिस्टिक्स क्षमता होगी, जिसके लिए पार्सल सेवाओं के विस्तार और डाक सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने ई-कॉमर्स क्षेत्र के साथ बढ़ती साझेदारी, तकनीकी उन्नयन और प्रक्रिया सुधार के माध्यम से डाक विभाग को एक आधुनिक, सक्षम और विश्वसनीय सेवा नेटवर्क के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

