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अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना के द्वार खुले, पात्रता दायरा बढ़ाया गया

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अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना के द्वार खुले, पात्रता दायरा बढ़ाया गया


नई दिल्ली, 22 अप्रैल (हि.स.)। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) ने युवाओं की रोजगार क्षमता और उद्योग तैयारियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना (पीएमआईएस) के पायलट चरण के लिए पात्रता मानदंड का विस्तार किया है। अब स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्र भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे।

एमसीए ने बुधवार को बताया कि 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के अंतिम वर्ष के छात्र अब देश की प्रमुख कंपनियों में उपलब्ध सशुल्क इंटर्नशिप के लिए पीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस निर्णय को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के साथ परामर्श के बाद औपचारिक रूप दिया गया है।

नए प्रावधानों के तहत छात्रों को आवेदन के समय अपने शिक्षण संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि इंटर्नशिप उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी। एनओसी पर विभागाध्यक्ष, डीन, प्राचार्य या ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे।

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के उस लक्ष्य के अनुरूप है, जिसमें अनुभवात्मक शिक्षा, उद्योग से जुड़ाव और व्यावहारिक प्रशिक्षण को उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। योजना के तहत छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावसायिक वातावरण का अनुभव मिलेगा, जिससे उनकी समस्या-समाधान क्षमता, संचार कौशल और टीमवर्क जैसे गुण विकसित होंगे।

पीएमआईएस के तहत प्रशिक्षु को न्यूनतम 9,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के पायलट चरण में अब तक 300 से अधिक कंपनियां शामिल हो चुकी हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में पायलट चरण का तीसरा राउंड जारी है, जिसमें कंपनियां लगातार इंटर्नशिप पोस्ट कर रही हैं।

पात्र युवा आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप अवसरों का चयन कर सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार