मध्य प्रदेश में पीएमजीएसवाई-4 की शुरुआत, शिवराज ने ग्रामीण विकास के लिए हजारों करोड़ की सौगात दी
सीहोर, 10 मई (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरूंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में पीएमजीएसवाई-4 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के लिए ग्रामीण सड़क, आवास और विकास से जुड़ी हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं और स्वीकृतियों की घोषणा की।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, प्रदेश मंत्री करण सिंह वर्मा, जनप्रतिनिधि तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव की सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि समृद्धि, सम्मान, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अवसरों का मार्ग हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के जीवन में ठोस और प्रत्यक्ष परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से समृद्ध, आत्मनिर्भर, विकसित और आर्थिक रूप से मजबूत राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण विकास की योजनाओं का उद्देश्य विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश को पीएमजीएसवाई-4 के तहत 2,117.52 किलोमीटर लंबाई वाली 973 सड़कों की स्वीकृति दी गई, जिनकी अनुमानित लागत 1,763.08 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं से राज्य की 987 बस्तियों को लाभ मिलने और ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई गई है।
विदिशा संसदीय क्षेत्र के लिए अलग से 600.393 किलोमीटर लंबाई वाली 259 सड़कों को मंजूरी दी गई, जिससे 264 बस्तियों को लाभ मिलेगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विदिशा संसदीय क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़कें बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि कोई भी गांव सड़क संपर्क से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मानकों और पात्रता को पूरा करने वाली सभी सड़कों को मंजूरी दी जाएगी। क्षेत्रीय विकास से जुड़ी स्थानीय मांगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन पर व्यावहारिक और ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 384.34 किलोमीटर लंबाई वाली सड़क परियोजनाओं को 261.81 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से विशेष रूप से पिछड़े और वंचित क्षेत्रों की 168 बस्तियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।
इसके अलावा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत घोषित 18,907 करोड़ रुपये के कुल सांकेतिक आवंटन में से मध्य प्रदेश को 830 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। चौहान ने इसे राज्य में विकास की गति तेज करने और ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 2,055 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी गरीब परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। नए सर्वेक्षण में पात्र पाए गए परिवारों का भौतिक सत्यापन कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘लखपति दीदी’ अभियान को और तेज किया जाएगा। महिलाओं को आय सृजन, सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गेहूं खरीदी के दौरान किसी पात्र किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। लंबित सत्यापन प्रक्रियाओं को पूरा कर किसानों की उपज की खरीदी सुनिश्चित की जाएगी। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में किसानों को उचित और पर्याप्त लाभ मिले, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान की सराहना की और कहा कि मध्य प्रदेश सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय में काम कर रही है। जनता और जनप्रतिनिधियों की व्यावहारिक मांगों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण भारत के विकास की दिशा बदल दी है। बेहतर सड़क संपर्क केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पिछले 25 वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित भी किया गया। सबसे अधिक सड़क लंबाई पूर्ण करने की श्रेणी में मध्य प्रदेश ने 90,766 किलोमीटर सड़कों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। राजस्थान दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा।
सबसे अधिक बस्तियों को जोड़ने की श्रेणी में बिहार पहले, मध्य प्रदेश दूसरे और ओडिशा तीसरे स्थान पर रहा। हरित तकनीक के अधिकतम उपयोग में गुजरात पहले स्थान पर रहा, जबकि तमिलनाडु और हरियाणा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
ग्रामीण सड़कों के रखरखाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को सम्मानित किया गया। गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली में मध्य प्रदेश को पहला स्थान मिला, जबकि राजस्थान और तमिलनाडु संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे।
पूर्वोत्तर, पर्वतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में असम को सबसे अधिक सड़क लंबाई पूर्ण करने के लिए सम्मानित किया गया। गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लद्दाख और पुडुचेरी को संयुक्त रूप से पहला स्थान मिला।
कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया गया और पीएमजीएसवाई-4 की औपचारिक शुरुआत की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

