प्रधानमंत्री ने यूएई पर हमलों की निंदा की, स्वतंत्र होर्मुज के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर
अबूधाबी/नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) यात्रा के दौरान कई अहम समझौते और निवेश घोषणाएं की गई । दोनों देशों के बीच सामरिक रक्षा साझेदारी के ढांचे पर समझौता हुआ। ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार तथा तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) आपूर्ति से जुड़े समझौतों पर सहमति बनी। गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा भारतीय अवसंरचना क्षेत्र, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छह दिवसीय विदेश प्रवास के दौरान भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह अबूधाबी पहुंचे। यह उनकी पांच देशों की यात्रा की शुरुआत है। वे आगे नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जायेंगे। अबूधाबी हवाई अड्डे पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। आगमन के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की संक्षिप्त यात्रा के दौरान आज यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की उपस्थिति में भारत और यूएई ने समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार दोनों नेताओं ने व्यापक मुद्दों पर सार्थक बैठक की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को अधिक मज़बूत करने पर चर्चा की। चर्चा का मुख्य केंद्र ऊर्जा, व्यापार और निवेश, ब्लू इकोनॉमी, फिनटेक सहित प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे क्षेत्र रहे। उन्होंने पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान ऊर्जा, रक्षा, शिपिंग सहित बुनियादी ढांचे और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान भी हुआ - जिससे भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गति मिली। यूएई ने भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की भी घोषणा की। इससे हमारे बाज़ार और बुनियादी ढांचा और अधिक मज़बूत होंगे।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।” प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए यूएई के राष्ट्रपति की ओर से उठाए गए कदमों का स्वागत किया। उन्होंने कठिन समय में यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को दी गई देखभाल के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वासन दिया कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में युद्ध का प्रभाव आज पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। भारत ने हमेशा मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को महत्व दिया है। हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है कि होर्मुज स्वतंत्र और खुला रहे। इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना आवश्यक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

