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घायल हालत में भी डटे रहे कैप्टन स्मित मच्छार, प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन पर बातचीत में हुए भावुक

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घायल हालत में भी डटे रहे कैप्टन स्मित मच्छार, प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन पर बातचीत में हुए भावुक


नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने विमान के कॉकपिट में हुए भयावह घटनाक्रम के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। इस दौरान वह भावुक हो गए।

वीडियो कॉल पर कैप्टन मच्छार ने बताया कि कई चोटें लगने के बाद वह खुद जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे लेकिन उन्हें एहसास था कि विमान में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उनके ऊपर है। इसी हिम्मत के साथ उन्होंने संकट की स्थिति में कार्रवाई की और यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संकट के बीच हनुमान चालीसा का सहारा

प्रधानमंत्री मोदी ने जब उनसे पूछा कि इतनी गंभीर स्थिति में उन्हें इतनी हिम्मत कहां से मिली तो कैप्टन मच्छार ने बताया कि दर्द या मुश्किल समय में वह नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान भी वह लगातार हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे और उन्हें विश्वास है कि भगवान हनुमान ने उन्हें यात्रियों की रक्षा करने का साहस दिया।

प्रधानमंत्री से बात करते हुए भावुक हुए कैप्टन स्मित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि हादसे में घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विमान का दरवाजा खोलकर यात्रियों की जान बचाने की कोशिश की।

कैप्टन स्मित अपनी आपबीती बताते हुए भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उनकी बात सुनकर प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी हिम्मत और साहस की सराहना की।

“हम भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं”

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छार के साहस और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश को उन पर गर्व है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हम भारतीय किसी की जान लेने वाले लोग नहीं हैं, हम जान बचाने वाले लोग हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छार की मां गीता के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अपने बेटे को मजबूत सांस्कृतिक मूल्यों के साथ संस्कारित किया है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफ जेड 1073 के दौरान सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए विमान में सवार लगभग 180 यात्रियों की जान बचाई। संकट के दौरान कैप्टन मच्छार ने घायल होने के बावजूद स्थिति को संभालने और विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी