home page

पीएम स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे, 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेता लाभान्वित

 | 
पीएम स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे, 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेता लाभान्वित


- अगर्तला में मनोहर लाल ने लाभार्थियों से किया संवाद, ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए

नई दिल्ली, 31 मई (हि.स.)। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के 6 साल पूरे होने पर कहा कि इस योजना के तहत पिछले छह वर्षों में देशभर के 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को लाभ मिला है। योजना ने लाखों लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उनकी आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

योजना के 6 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रविवार को अगर्तला में आयोजित कार्यक्रम में मनोहर लाल ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा की उपस्थिति में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लाभार्थियों से संवाद किया। इस दौरान त्रिपुरा के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को ऋण स्वीकृति पत्र और क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए गए।

मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2020 में शहरी गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराना नहीं बल्कि रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी है।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत अब तक 1.12 करोड़ से अधिक बिना गारंटी वाले ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 17,800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों को वितरित की गई है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में 2.59 लाख से अधिक ऋण वितरित किए गए हैं, जिनके माध्यम से 430 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में अब तक 9,300 से अधिक ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं और लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों को वितरित की गई है।

आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार, योजना का प्रभाव व्यापक रहा है। इसके तहत 34.81 लाख महिला रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सशक्त बनाया गया है तथा महिलाओं को 51.84 लाख ऋण वितरित किए गए हैं। इसके अलावा, 55 लाख से अधिक विक्रेताओं को डिजिटल प्रणाली से जोड़ा गया है।

मंत्रालय ने बताया कि योजना के लाभार्थियों की औसत आय में प्रतिवर्ष लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, 30 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने योजना के तहत मिले ऋण से आगे बढ़कर अन्य स्रोतों से भी ऋण प्राप्त किया है।

उल्लेखनीय है कि जून 2020 में शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक 1.05 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। साथ ही ‘स्वनिधि से समृद्धि’ पहल के अंतर्गत 50 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेता परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग की गई है तथा विभिन्न केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं के तहत 1.52 करोड़ से अधिक लाभ स्वीकृत किए गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर