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केंद्र ने कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये की निवेश योजना को दी मंजूरी

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केंद्र ने कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये की निवेश योजना को दी मंजूरी


नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत सात सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का उन्नयन किया जाएगा। परियोजना में जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड उद्योग भागीदार के रूप में हरियाणा सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय संचालन समिति ने पीएम-सेतु योजना के तहत इस निवेश योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही योजना के तहत स्वीकृत कुल निवेश बढ़कर 2,491 करोड़ रुपये हो गया है, जो देशभर के 10 आईटीआई क्लस्टरों में खर्च किया जाएगा।

कुरुक्षेत्र क्लस्टर में राजकीय आईटीआई, कुरुक्षेत्र को हब संस्थान बनाया जाएगा। इसके साथ राजकीय महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, राजकीय आईटीआई कैथल, राजकीय महिला आईटीआई कैथल, राजकीय आईटीआई पिहोवा, राजकीय आईटीआई पबनावा और राजकीय महिला आईटीआई अंबाला सिटी को स्पोक संस्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि उद्योगों को आईटीआई के साथ जोड़ने से युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि इस मंजूरी से कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अधिक अनुरूप बनाया जा सकेगा और युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुभव तथा रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मंत्रालय ने बताया कि 320 करोड़ रुपये के निवेश से प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत किया जाएगा, आधुनिक प्रयोगशालाएं एवं सुविधाएं विकसित की जाएंगी, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे और प्रशिक्षुओं की रोजगार क्षमता बढ़ाई जाएगी।

जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड पहले से ओडिशा के बारबिल आईटीआई क्लस्टर से जुड़ा हुआ है, जहां 240 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी मिली हुई है। मंत्रालय के अनुसार, उद्योगों की बढ़ती भागीदारी पीएम-सेतु योजना के प्रति निजी क्षेत्र के विश्वास को दर्शाती है।

उल्लेखनीय है कि पीएम-सेतु योजना का कुल आकार 60,000 करोड़ रुपये है। इसके तहत देशभर में 1,000 सरकारी आईटीआई का उन्नयन किया जाना है, जिनमें 200 हब और 800 स्पोक आईटीआई शामिल होंगे। योजना में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की क्षमता बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का भी प्रावधान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर