प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित साझा कर साहस और आत्मविश्वास से असंभव को भी संभव बनाने का दिया संदेश
नई दिल्ली, 17 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषित साझा कर साहस, आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति की शक्ति को मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया।
प्रधानमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि जो व्यक्ति साहस और संकल्प से भरा हो, उसके लिए जीवन में कुछ भी असंभव नहीं होता। आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के बल पर कठिन से कठिन चुनौतियों को पार किया जा सकता है।
उन्होंने संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा:
एकोऽपि सिंहः साहस्रं यूथं मथ्नाति दन्तिनाम्।
तस्मात् सिंहमिवोदारमात्मानं वीक्ष्य सम्पतेत्॥
इस सुभाषित का अर्थ है कि जैसे एक सिंह हजार हाथियों के झुंड को परास्त करने की क्षमता रखता है, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने भीतर की शक्ति को पहचानते हुए सिंह के समान साहसी, आत्मविश्वासी और उदार बनकर निडरता से आगे बढ़ना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

