प्रधानमंत्री ने प्रगति की 53वीं बैठक में छह बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की
नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सेवा तीर्थ में प्रगति की 53वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में नौ राज्यों से जुड़ी रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र की छह परियोजनाओं की समीक्षा हुई। इन परियोजनाओं की कुल लागत 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री ने कार्यों को समयबद्ध पूरा करने, विभागों के बीच समन्वय और लंबित मुद्दों के समाधान पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी का असर केवल लागत बढ़ने तक सीमित नहीं रहता। इससे नागरिकों, कारोबार और अर्थव्यवस्था को मिलने वाले लाभ भी टलते हैं। उन्होंने परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों के बजाय एकीकृत रूप में देखने और उनकी निगरानी करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग पैकेजों की प्रगति का अंतिम लक्ष्य पूरी परियोजना को समय पर पूरा कर उसका संचालन शुरू करना होना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में शुरू से अंत तक की समग्र रणनीति अपनाने को कहा। साथ ही उन महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने पर जोर दिया, जिनसे पूरी परियोजना के शुरू होने में देरी हो सकती है।
उन्होंने बड़ी परिवहन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाते समय साझा उपयोगिता गलियारों की संभावना तलाशने का आह्वान किया। इसके लिए तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता को योजना के शुरुआती चरण में ही परखने को कहा गया। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजनाओं की गति के साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। आधुनिक तकनीक, बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण और प्रभावी निगरानी अपनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में डिजिटल कृषि मिशन के तहत एग्रीस्टैक की भी समीक्षा हुई। प्रधानमंत्री ने कृषि आंकड़ों से बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कृषि मूल्य श्रृंखला में आंकड़ों के प्रभावी इस्तेमाल की बात कही। इससे कृषि सामग्री की योजना, प्रसंस्करण और किसानों के लिए लक्षित हस्तक्षेप को बेहतर बनाया जा सकेगा।
साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी के मामलों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने रोकथाम को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने प्रशिक्षण, जागरूकता और शिक्षा पर लगातार ध्यान देने को कहा। वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों के लिए लक्षित जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। संबंधित कर्मियों की नियमित क्षमता वृद्धि और साइबर धोखाधड़ी के नए तरीकों की शीघ्र पहचान पर भी बल दिया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रगति सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित बहु-आयामी मंच है। बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ डिजिटल कृषि और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

