home page

ऊर्जा संकट से दुनिया की उपलब्धियां खतरे में, भारत बनेगा वैश्विक विकास इंजन : प्रधानमंत्री

 | 
ऊर्जा संकट से दुनिया की उपलब्धियां खतरे में, भारत बनेगा वैश्विक विकास इंजन : प्रधानमंत्री


-प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संकट, लोकतंत्र, सेमीकंडक्टर और भारत की वैश्विक भूमिका पर रखे विचार

नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को हेग में वैश्विक ऊर्जा संकट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि दुनिया ने समय रहते इस चुनौती का समाधान नहीं किया, तो पिछले कई दशकों में हासिल की गई विकास संबंधी उपलब्धियां नष्ट हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया की बड़ी आबादी एक बार फिर गरीबी के जाल में फंस सकती है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी पांच देशों की छह दिवसीय विदेश यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंचे हैं। यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया लचीली और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की आवश्यकता महसूस कर रही है। भारत और नीदरलैंड मिलकर पारदर्शी एवं विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के बाद नीदरलैंड यूरोप का प्रमुख प्रवेश द्वार बन सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि मुख्य भूमि यूरोप में भारतीय मूल के लोगों का सबसे बड़ा समुदाय नीदरलैंड में निवास करता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक प्रतीकों का उल्लेख करते हुए कहा, “जिस प्रकार भारत कमल के लिए प्रसिद्ध है, उसी प्रकार नीदरलैंड ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है। ट्यूलिप और कमल दोनों यह सिखाते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या मिट्टी में, सौंदर्य और शक्ति दोनों प्राप्त की जा सकती हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत में लोकतंत्र के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। जब आम नागरिकों को अपने सपनों की पूर्ति और विकास में भागीदारी दिखाई देती है, तब लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा और बढ़ता है।

उन्होंने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में इस बार लगभग 90 प्रतिशत तक मतदान दर्ज किया गया, जो लोकतंत्र के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने 16 मई की तारीख का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में इसी दिन लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित हुए थे और दशकों बाद देश में स्थिर एवं पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि 13 वर्ष मुख्यमंत्री और 12 वर्ष प्रधानमंत्री के रूप में देश सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। करोड़ों देशवासियों का लगातार समर्थन उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह बहुत छोटी उम्र में ही देशभक्ति के रंग में रंग गए थे। उन्होंने “अहम् से वयम्” का मार्ग चुना और अब जनता का सुख ही उनका सुख तथा जनता का कल्याण ही उनका कर्तव्य बन गया है।

उन्होंने कहा कि आज भारत केवल बदलाव नहीं, बल्कि सर्वश्रेष्ठ बनने का सपना देख रहा है। देश सबसे तेज विकास, आधुनिक तकनीक और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत केवल अपनी सीमाओं तक सीमित सोच वाला देश नहीं है, बल्कि वह दुनिया का विकास इंजन बनने की दिशा में अग्रसर है। भारत ओलंपिक की मेजबानी, वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने और ग्रीन एनर्जी में नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में 12 सेमीकंडक्टर संयंत्रों पर काम चल रहा है, जिनमें से दो में उत्पादन शुरू हो चुका है। अब चिप भी “डिजाइन इन इंडिया” और “मेड इन इंडिया” होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नीदरलैंड आकर उन्हें भारत जैसा अनुभव हो रहा है। यहां की प्रगति में भारतीय समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान है और इस पर हर भारतवासी को गर्व है। उन्होंने कहा कि यहां बसे भारतीय परिवारों की कहानियां केवल प्रवास की नहीं, बल्कि संघर्ष और सफलता की कहानियां हैं। समय बदला, देश बदले और पीढ़ियां बदलीं, लेकिन भारतीय संस्कार, परिवार व्यवस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव आज भी जीवित हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीयों ने डच भाषा को अपनाया, लेकिन अपनी मातृभाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को भी संजोकर रखा। भारतीय संगीत और संस्कृति आज नीदरलैंड के परिवारों तक पहुंच रही है।

----------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर