राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रधानमंत्री ने एकता नगर में ‘वामन वृक्ष वाटिका’ का किया भ्रमण
नर्मदा, 31 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सुबह राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता नगर में एकता नर्सरी के निकट विकसित अनूठी ‘वामन वृक्ष वाटिका’ का भ्रमण किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उनके साथ मौजूद रहे।
इस वाटिका में पारंपरिक तकनीकों से तैयार की गईं कुल 65 प्रजातियों के 1,147 छोटे आकार के वृक्ष प्रदर्शित किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने ई-कार्ट के माध्यम से वाटिका का भ्रमण किया और समत्व वाटिका, जेन गार्डन तथा विभिन्न बोन्साई वृक्षों का अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री ने उद्यान के इंटरप्रिटेशन सेंटर में भारत से वैश्विक बोन्साई कला तक की यात्रा, पारंपरिक तकनीकों और वर्चुअल टूर पर आधारित दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति देखी। इसके बाद उन्होंने बोन्साई प्रशिक्षण कार्यशाला का दौरा किया। यहां स्थानीय महिला कारीगरों द्वारा छोटे आकार के वृक्ष तैयार करने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया और उनसे बातचीत भी की।
प्रधानमंत्री ने पर्यटकों के लिए विकसित अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। इनमें प्रकृति, कला और आध्यात्मिकता का अनुभव कराने वाले झरने, फव्वारे, तालाब, व्यूइंग डेक, गज़ेबो, स्मृति चिह्न की दुकान और बच्चों के खेलने के लिए विशेष स्थान शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने 18.68 करोड़ रुपये की लागत से 13,885 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित इस वाटिका का लोकार्पण किया था। यह उद्यान भारत की प्राचीन वामन वृक्ष कला और भगवान विष्णु के वामन अवतार से प्रेरित है। बताया जाता है कि भारत में ईसा पूर्व 2000 से विकसित इस लघु वृक्ष कला का उल्लेख ‘विष्णु पुराण’ और ‘वृक्षायुर्वेद’ में मिलता है। कालांतर में यही कला चीन में ‘पुन त्साई’ और जापान में ‘बोन्साई’ के नाम से प्रसिद्ध हुई।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

