(लीड) ‘मन की बात’ में एक ऐसी वेबसाइट का उल्लेख जो बताती है कि कब, कहां था किसका शासन
नई दिल्ली, 30 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में एक वेबसाइट की जानकारी दी जिसमें भारतीय इतिहास के अलग-अलग कालखंड में किसका शासन रहा है इसकी जानकारी हासिल की जा सकती है।
‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा कि (bharatrajya.com) वेबसाइट पर वर्ष चुनकर आसानी से पता लगाया जा सकता है कि किस समय भारत के किस हिस्से में किसका शासन था। उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट को बहुत ही सरल रखा गया है।
कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री ने वेबसाइट बनाने वाले कृष्ण शेषाद्रि से फोन पर बातचीत भी की। इसमें शेषाद्रि ने बताया कि भारतीय इतिहास में कुछ गिने-चुने शासकों के बारे में पढ़ाया जाता है लेकिन हमारा इतिहास बहुत से नायकों से भरा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मिलकर देश को नशामुक्त बनाने का आह्वान करते हुए सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरे देश में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य बिल्कुल साफ है ‘नशा मुक्ति युवा, ड्रग्स मुक्त भारत।’
प्रधानमंत्री ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर सूर्यपथ तिरंगा कार्यक्रम के माध्यम से सूर्य के पथ के साथ तिरंगा फहराए जाने का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में एक अनोखी यात्रा निकाली गई। फिजी के सुबह में सूरज की पहली किरण के साथ तिरंगा फहराया गया। इसके बाद एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका के सेन फ्रांसिसको तक भारतीय मिशन और पोस्ट पर तिरंगा लहराता गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में पीएम स्वानिधि निधि योजना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि योजना लाखों महिला स्ट्रीट वेंडर्स को अपने कारोबार का विस्तार करने, आगे बढ़ाने और उन्हें अपने परिवार को बेहतर भविष्य देने में मदद कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज स्वच्छता जनता का संकल्प बनती जा रही है। उन्होंने बताया कि कैसे उत्तर प्रदेश के रामपुर में अपने इलाकों की सफाई से लेकर अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता अभियान तक कैसे जनभागीदारी से लोग अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रख रहे हैं।
सफलता की कहानियां बताते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे नागालैंड के फेख जिले की रहने वाली वेसालु पुरो ने फूलों के प्रति अपने जुनून को सफल व्यवसाय में बदल दिया। वहीं, कैसे ओडिशा के देब्रिगढ़ क्षेत्र में मैथिली भुए जी की वन उत्पादों पर निर्भरता से पर्यावरण-पर्यटन का हिस्सा बनने की यात्रा ने कई महिलाओं को वन संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कैसे भारत के खेतों और बाजारों में ‘एवोकाडो’ फल को नया स्थान मिल रहा है। उन्होंने आंध्र प्रदेश में कडपा के वरदराज और तमिलनाडु के कोडाइकनाल के चंद्रशेखर के इस फल की खेती से कमाई करने का उदाहरण दिया।
प्रधानमंत्री ने ‘मिशन शक्तिसैट’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह 108 देशों की छात्राओं को एक साथ ला रहा है और उन्हें उपग्रह प्रौद्योगिकी के बारे में जानने के साथ-साथ विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में नए क्षेत्रों का पता लगाने का अवसर दे रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। इस अवसर पर दुनिया के अलग-अलग देशों से भारत में आई करीब 100 छात्राएं जुटी थी। भारत के दूरदराज क्षेत्रों से आई चुनी हुई छात्राओं ने भी इसमें भाग लिया। इसका लक्ष्य बहुत खास है। पूरी तरह से छात्रों की भागीदारी से तैयार एक सैटेलाइट को चंद्रमा की ऑर्बिट में भेजने की तैयारी है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने महान नायक उत्तम कुमार को याद किया और कहा कि वे पीढ़ियों को प्रेरित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके शानदार अभिनय, समर्पण और हर किरदार को जीवंत करने की क्षमता ने उन्हें भारतीय सिनेमा का एक अविस्मरणीय प्रतीक बना दिया। उन्होंने बताया कि 3 सिंतबर को उनकी जन्म-शताब्दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

