प्रधानमंत्री दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे मलेशिया
नई दिल्ली, 05 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 7-8 फरवरी को मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह प्रधानमंत्री की मलेशिया की तीसरी और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिए जाने के बाद पहली यात्रा होगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के साथ-साथ उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के साथ ही 10वां भारत-मलेशिया सीईओ फोरम भी आयोजित किया जाएगा।
यात्रा के पूर्व एक विशेष पत्रकार वार्ता में विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के कारण पिछले वर्ष आयोजित 47वें आसियान शिखर सम्मेलन के लिए मलेशिया नहीं जा सके थे। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से शिखर सम्मेलन में भाग लिया था और अनवर इब्राहिम से वादा किया था कि वे 2026 की शुरुआत में देश की यात्रा करेंगे।
उन्होंने कहा कि आगामी यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के डेढ़ साल के भीतर हो रही है। यह भारत की एक्ट ईस्ट नीति में एक प्रमुख भागीदार मलेशिया के साथ हमारे संबंधों के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दोनों देश संतुलित और टिकाऊ तरीके से अपने द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देश भारत-मलेशिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की संयुक्त समीक्षा पर भी चर्चा कर रहे हैं। हम रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा और सहयोग जैसी अवसंरचना परियोजनाओं में सहयोग पर विचार कर रहे हैं। हम छात्रवृत्ति बढ़ाने और भारतीय अध्ययन केंद्र, तिरुवल्लुवर भारतीय अध्ययन केंद्र की स्थापना पर भी विचार कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत और मलेशिया ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित दीर्घकालिक मित्रता के बंधन साझा करते हैं। मलेशिया में विश्व में भारत का तीसरा सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय (29 लाख) रहता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत-मलेशिया संबंध बहुआयामी और विकसित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा दोनों नेताओं के लिए व्यापार और निवेश, रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग से लेकर डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, जन-संबंधों तक फैले द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण दायरे की समीक्षा करने और पारस्परिक लाभ के लिए भविष्य में होने वाले सहयोग की रूपरेखा तैयार करने का अवसर प्रदान करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

