प्रधानमंत्री शुक्रवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर, 14 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की देंगे सौगात
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 24वीं किस्त के रूप में देशभर के किसानों को करीब 19,000 करोड़ रुपये जारी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से गुरुवार को जारी जानकारी के अनुसार, मोदी 30 अक्टूबर को बनासकांठा में भ्रूण प्रत्यारोपण प्रौद्योगिकी एवं इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (ईटी-आईवीएफ) प्रयोगशाला और भारत गोवंश प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र का दौरा करेंगे। इसके बाद वह विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे, दो रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।
मोदी बनासकांठा के भिलड़ी में स्थापित भारत गोवंश प्रजनन एवं अनुसंधान केंद्र को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 127 एकड़ में फैला यह केंद्र गोवंश की नस्लों में सुधार, आनुवंशिक उन्नयन और आधुनिक प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा देगा। यह कांकरेज नस्ल के गोवंश के लिए देश में अपनी तरह का पहला केंद्र होगा। इसके माध्यम से नस्ल सुधार की गति 10 से 20 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री बनास डेयरी के थराद और राधनपुर में स्थापित होने वाले दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे। इन संयंत्रों में प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन गोबर के प्रसंस्करण की क्षमता होगी।
मोदी अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण के तहत हवाई अड्डे और गिफ्ट सिटी तक विस्तार वाली परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। हवाई अड्डा विस्तार खंड 6 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा और इसमें पांच स्टेशन होंगे, जबकि गिफ्ट सिटी विस्तार खंड 3.3 किलोमीटर से अधिक लंबा होगा और इसमें तीन स्टेशन बनाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री करीब 2,600 करोड़ रुपये की लागत से अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क (राज्य राजमार्ग-41) को चार लेन से आठ लेन में उन्नत करने की परियोजना का भी शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे और 361 पूर्ण हो चुके केंद्रों का उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपये की इस पहल से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मोदी कृषि अवसंरचना कोष के तहत पूरी हुई 521 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं पर करीब 4,950 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें शीतगृह, भंडारगृह, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं। वह सानादर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का उद्घाटन और पालनपुर में अति उच्च तापमान वाले उत्पादों के लिए स्वचालित भंडारण एवं निकासी प्रणाली की शुरुआत भी करेंगे।
प्रधानमंत्री साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचाराजी-साबरमती मेमू रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी करने के साथ वह 12 स्वीकृत बागवानी क्लस्टर की जमीनी गतिविधियों की शुरुआत भी करेंगे। लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इन क्लस्टर से 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर आलू उत्पादन पर केंद्रित होंगे।
मोदी 30 अक्टूबर को केवड़िया स्थित एकता नगर में भारत पर्व 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा। इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लोक कलाओं, पारंपरिक व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रधानमंत्री इसी शाम एकता प्रकाश पर्व भी देखेंगे, जिसमें देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता को दर्शाने के लिए रोशनी और कलात्मक सज्जा की व्यवस्था की गई है।
प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस दौरान एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण भी किया जाएगा।
इन परियोजनाओं में सीवेज एवं जल शोधन संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन, भवनों पर रोशनी की व्यवस्था, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) का होटल और वर्षावन सहित पर्यटन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा शून्य कचरा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण पर्यटन और सड़क विकास से जुड़ी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी।
इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में वामपंथी उग्रवाद से निपटने में सुरक्षा बलों की उपलब्धियों और पूर्व प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा एवं विकास की दिशा में हुए बदलावों पर विशेष जोर रहेगा। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकार हिस्सा लेंगे।
समारोह की झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मुख्य विषय ‘वंदे मातरम’ होगा। देशभर से आए करीब 5,000 कलाकार भारतीय शास्त्रीय एवं लोक कलाओं, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

