home page

सर्वदलीय बैठक में आठ सांसदों के निलंबन को वापस लेने पर सहमति, मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद मामला उठाया जाएगा

 | 
सर्वदलीय बैठक में आठ सांसदों के निलंबन को वापस लेने पर सहमति, मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद मामला उठाया जाएगा


नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में सोमवार को हुई सर्वदलीय बैठक में आठ निलंबित सांसदों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बन गई है। सूत्रों के अनुसार इन सांसदों का निलंबन मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद औपचारिक रूप से वापस लिया जाएगा।

जिन सांसदों का निलंबन वापस लिया जाएगा उनमें गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, एडवोकेट डीन कुरियाकोस, अमरींदर सिंह राजा वारिंग, बी. मणिकम टैगोर, डॉ. प्रशांत यदोराव पाडोले, चामला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन शामिल हैं। इन सांसदों को संसदीय कार्य मंत्री द्वारा लाए गए प्रस्ताव के आधार पर तीन फरवरी से शुरू हुए सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था।

सूत्रों के अनुसार बैठक में नेताओं ने संसद की गरिमा और स्थापित परंपराओं को बनाए रखने पर भी सहमति जताई। इसके तहत यह तय किया गया कि कोई भी सदस्य सदन के वेल में दूसरी ओर नहीं जाएगा, कागज फाड़कर आसन की ओर नहीं फेंकेगा और न ही अधिकारियों की मेज पर चढ़ेगा। इसके अलावा, सभी सदस्य सदन की मर्यादा का पालन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों।

इस बीच लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को संसद परिसर में मर्यादा बनाए रखने के संबंध में एक बुलेटिन भी जारी किया है। बुलेटिन में दिशानिर्देश 124A(2)(iii) का हवाला देते हुए कहा गया है कि संसद परिसर के क्षेत्र और मार्ग को सांसदों के लिए खुला और बाधारहित बनाए रखना आवश्यक है।

बुलेटिन में स्पष्ट किया गया कि संसद परिसर में हथियार, झंडे, पोस्टर, लाठी, भाला, तलवार, डंडे और ईंट आदि ले जाना निषिद्ध है। सांसदों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पोस्टर, प्लेकार्ड या बैनर न लाएं और न ही उनका प्रदर्शन करें।

इसके अलावा सचिवालय ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में पोस्टर और प्लेकार्ड पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) से तैयार आपत्तिजनक चित्र, तस्वीरें और नारे प्रदर्शित किए गए हैं। सांसदों से अपील की गई है कि वे संबंधित दिशा-निर्देशों और अन्य नियमों का कड़ाई से पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार