प्राकृतिक आपदाओं पर राज्यसभा में शोक, नीट पर चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष-विपक्ष में गतिरोध, सदन 12 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने गुरुवार को देश के विभिन्न राज्यों में जून और जुलाई के दौरान आई प्राकृतिक आपदाओं में हुई जन-धन की हानि पर गहरा शोक व्यक्त किया। इसके बाद नीट परीक्षा पर चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति ने असम, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरलम, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदाओं में जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। सभापति ने कहा कि सदन आपदा प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। इसके बाद सदस्यों ने खड़े होकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी दलों ने नीट परीक्षा के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी लगातार इस विषय पर चर्चा कराने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं, विशेषकर मल्लिकार्जुन खरगे से हुई बातचीत के बाद उम्मीद थी कि आज सदन में इस विषय पर चर्चा शुरू हो सकेगी, लेकिन कांग्रेस ने इसके लिए शर्तें रख दीं।
रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के प्रारूप और अवधि पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी प्रकार की पूर्व शर्त स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा की मांग करने के साथ-साथ शर्तें लगाकर उसे बाधित करना चाहता है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और इस पर संसद के दोनों सदनों में सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक न्यायिक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा मिल सके। रिजिजू ने विपक्ष से बिना किसी शर्त के चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया।
इस दौरान विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी रही। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान उकसाने वाला है और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन सरकार सदन में चर्चा से भाग रही है। लगातार जारी हंगामे के बीच सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

