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पैराग्वे से भारत यात्रा पर पहुंचीं पत्रकार जाजमिन रोमेरो एवं स्कॉलर जिओलियानो सरोब्बी ने विद्यालय का भ्रमण किया

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पैराग्वे से भारत यात्रा पर पहुंचीं पत्रकार जाजमिन रोमेरो एवं स्कॉलर जिओलियानो सरोब्बी ने विद्यालय का भ्रमण किया


मऊ (उत्तर प्रदेश), 27 अगस्त (हि.स.)। पैराग्वे से भारत यात्रा पर पहुंचीं पत्रकार जाजमिन रोमेरो एवं ग्लोबल पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स स्कॉलर जिओलियानो सरोब्बी ने नंदन बाल विद्या मंदिर, अमिला का भ्रमण किया। विदेशी अतिथियों के विद्यालय पहुंचने पर प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संवाद का माहौल देखने को मिला।

कक्षाओं में पहुंचकर देखी शिक्षण व्यवस्था

विदेशी मेहमानों ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के सीखने के तरीके, कक्षा में शिक्षकों की भूमिका तथा बच्चों के लिए बनाए गए शैक्षणिक वातावरण को करीब से समझा। विद्यालय की दिनचर्या और शिक्षण पद्धति के बारे में शिक्षकों से बातचीत कर उन्होंने भारतीय विद्यालयी शिक्षा की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

विद्यार्थियों से सीधा संवाद रहा आकर्षण का केंद्र

भ्रमण के दौरान विदेशी अतिथियों और विद्यार्थियों के बीच हुआ संवाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों ने उत्सुकता के साथ मेहमानों से उनके देश पैराग्वे, वहां की संस्कृति, जीवनशैली और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे। अतिथियों ने भी विद्यार्थियों के प्रश्नों का सहजता से जवाब देते हुए अपने देश और अनुभवों के बारे में जानकारी साझा की।

पैराग्वे की संस्कृति और शिक्षा को लेकर बच्चों में दिखी उत्सुकता

विद्यार्थियों ने विदेशी मेहमानों से यह जानने का प्रयास किया कि पैराग्वे में बच्चों की पढ़ाई किस प्रकार होती है और वहां विद्यालयों में कौन-कौन सी शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाती हैं। इस बातचीत के माध्यम से बच्चों को भारत से अलग एक अन्य देश की शिक्षा एवं सामाजिक व्यवस्था को समझने का अवसर मिला। अतिथियों ने भी भारतीय विद्यार्थियों की जिज्ञासा और संवाद की रुचि की सराहना की।

शिक्षा और वैश्विक परिदृश्य पर हुआ विचार-विमर्श

विद्यालय प्रबंधन और विदेशी अतिथियों के बीच इंटरैक्शन सेशन का भी आयोजन हुआ। इसमें शिक्षा, बदलते वैश्विक परिदृश्य, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। अतिथियों ने अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अलग-अलग समाजों और संस्कृतियों को समझने का माध्यम भी है।

विद्यार्थियों को वैश्विक सोच विकसित करने का संदेश

विदेशी मेहमानों ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत के दौरान वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से बताया कि विभिन्न देशों के लोगों के बीच संवाद से एक-दूसरे की संस्कृति, विचार और सामाजिक परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है। विद्यार्थियों के लिए यह संवाद कक्षा से बाहर सीखने का एक अलग और उपयोगी अनुभव साबित हुआ।

नंदन गुप्ता के नाम पर संचालित है विद्यालय

नंदन बाल विद्या मंदिर, अमिला का संचालन अमिला के पूर्व चेयरमैन नन्दन गुप्ता के नाम पर किया जा रहा है। विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर से आए अतिथियों का भ्रमण विद्यालय परिवार के लिए महत्वपूर्ण अवसर रहा। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विदेशी मेहमानों के साथ हुए संवाद को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।

अंतरराष्ट्रीय संवाद से विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक संवाद विद्यार्थियों में व्यापक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अलग-अलग देशों से आने वाले लोगों से बातचीत के माध्यम से बच्चों को नई संस्कृतियों, शिक्षा पद्धतियों और सामाजिक जीवन के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिलती है।

स्थानीय शिक्षा के साथ वैश्विक सोच पर जोर

विद्यालय परिवार ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए स्थानीय परिवेश की समझ के साथ वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करना भी आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में संवाद क्षमता, जिज्ञासा और विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देते हैं। पैराग्वे के मेहमानों का विद्यालय भ्रमण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा।

भविष्य में भी जारी रखने की उम्मीद

विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी इस तरह के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संवाद आयोजित होते रहेंगे। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को देश-दुनिया को करीब से समझने, नए विचारों से परिचित होने और शिक्षा को व्यापक संदर्भ में देखने का अवसर मिलता है। पैराग्वे से आए अतिथियों के साथ हुआ यह संवाद विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक यादगार शैक्षणिक अनुभव बन गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / वेद नारायण मिश्र