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पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस आयुक्त (जालंधर) विशेषाधिकार समिति के समक्ष हुए पेश

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पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस आयुक्त (जालंधर) विशेषाधिकार समिति के समक्ष हुए पेश


नई दिल्ली, 27 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा परिसर में सिख गुरुओं के कथित अपमान एवं विशेषाधिकार उल्लंघन के मामले में शुक्रवार को विशेषाधिकार समिति के समक्ष पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) आलोक शेखर, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और जालंधर के पुलिस आयुक्त धनप्रीत कौर समि पेश होकर अपना पक्ष रखा।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि समिति वर्तमान में इस मुद्दे की जांच कर रही है, उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर यह बताना कठिन है कि प्रक्रिया में कितना समय लगेगा। समिति द्वारा रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद इसे सदन के पटल पर रखा जाएगा, जिसके बाद सदन समिति की सिफारिशों पर विचार-विमर्श करेगा। अंतिम निर्णय अध्यक्ष (चेयर) द्वारा लिया जाएगा।

कार्यवाही के दौरान उठाए गए बेअदबी के मुद्दे का जिक्र करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि गुरुओं के कथित अपमान से जुड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना 6 जनवरी 2026 को सदन के पटल पर हुई थी। इस मामले के समाधान की पूरी प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। गुप्ता ने कहा कि सदन और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। विधानसभा की गरिमा हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए, क्योंकि यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक ढांचे का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि सदन का विशेषाधिकार यह सुनिश्चित करता है कि सदस्य बिना किसी बाहरी दबाव के चर्चाओं में स्वतंत्र रूप से भाग ले सकें। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन के प्रत्येक सदस्य के पास कुछ निश्चित विशेषाधिकार होते हैं। इन विशेषाधिकारों में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप, छेड़छाड़ या उल्लंघन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अध्यक्ष ने आश्वस्त किया कि इस मामले में सभी कार्यवाही स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सख्ती से संचालित की जाएगी। यह प्रक्रिया समयबद्ध, व्यवस्थित और पारदर्शी रहेगी।

गुप्ता ने अंत में कहा कि दिल्ली विधानसभा द्वारा इस संबंध में की गई कोई भी कार्रवाई किसी दुर्भावना से नहीं बल्कि केवल न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों से निर्देशित होगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच का परिणाम अपनी निष्पक्षता एवं अखंडता के लिए सम्मान प्राप्त करे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव