ईडी ने पीएसीएल मामले में 1,595.85 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कीं
नई दिल्ली, 01 जून (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) से जुड़े कथित निवेश घोटाले की जांच के सिलसिले में पंजाब के रामनगर स्थित जियान सागर एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की 14 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। ईडी के अनुसार इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 1,595.85 करोड़ रुपये है।
ईडी की दिल्ली जोनल इकाई ने सोमवार को बताया कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। यह प्राथमिकी उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।
एजेंसी के अनुसार पीएसीएल लिमिटेड और उससे संबंधित संस्थाओं ने कृषि भूमि की खरीद-बिक्री और विकास के नाम पर देशभर के लाखों निवेशकों से 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई थी। निवेशकों को एकमुश्त एवं किस्त भुगतान योजनाओं के तहत निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इसके लिए उनसे विभिन्न समझौतों और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए। हालांकि अधिकांश मामलों में निवेशकों को भूमि का कब्जा नहीं दिया गया और बड़ी राशि अब भी बकाया है।
ईडी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि निवेशकों से जुटाई गई राशि को विभिन्न मुखौटा कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से स्थानांतरित किया गया। इसी धन का उपयोग जियान सागर एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमि और आधारभूत संरचना के विकास में किया गया। कुर्क की गई 14 संपत्तियां अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) से खरीदी गई थीं।
ईडी ने वर्ष 2016 में इस मामले में ईसीआईआर दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 2018 में अभियोजन शिकायत दायर की गई। साथ ही, वर्ष 2022, 2025 और 2026 में छह अनुपूरक अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गईं। विशेष पीएमएलए अदालत इन सभी शिकायतों पर संज्ञान ले चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

