ओटीए गयाजी में 5 सितंबर को 29वीं पासिंग आउट परेड, 253 ऑफिसर कैडेट्स होंगे सेना में शामिल
गयाजी, 02 सितंबर (हि.स.)। ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए), गयाजी 5 सितंबर 2026 को अपनी 29वीं पासिंग आउट परेड आयोजित करने जा रही है। इस अवसर पर शॉर्ट सर्विस कमीशन, टेक्निकल एंट्री (पुरुष)-65वें कोर्स के 218/219 ऑफिसर कैडेट्स और शॉर्ट सर्विस कमीशन, टेक्निकल एंट्री (महिला)-36वें कोर्स की 35 ऑफिसर कैडेट्स अपनी कठिन सैन्य प्रशिक्षण यात्रा पूरी कर पासिंग आउट परेड में हिस्सा लेंगी। समारोह के साथ ही ये प्रशिक्षु देश की सेवा के लिए सैन्य अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
दो दिवसीय समारोह को यादगार बनाने के लिए ओटीए गयाजी की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें गौरव पदक सम्मान समारोह, पासिंग आउट परेड, पिपिंग सेरेमनी और शपथ ग्रहण समारोह प्रमुख हैं। गौरव पदक सम्मान समारोह के दौरान सिम्फनी बैंड, मल्लखंब, कलारीपयट्टू और गतका जैसे पारंपरिक एवं रोमांचक प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
इन समारोहों में नागरिक गणमान्य व्यक्तियों के अलावा ऑफिसर कैडेट्स के परिजन और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों के विद्यार्थी, नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) की टुकड़ियां और विभिन्न 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के छात्र भी समारोह में मौजूद रहेंगे। इनकी भागीदारी का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करना तथा उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स सम्मानित
समर टर्म-2026 के पासिंग आउट समारोहों के क्रम में ओटीए गयाजी के विजय ऑडिटोरियम में कमांडेंट अवार्ड्स सेरेमनी आयोजित की गई। कार्यक्रम में ओटीए गयाजी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह, अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम), ने भाग लिया।
इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ऑफिसर कैडेट्स को पुरस्कार प्रदान किए। खेल, ड्रिल, घुड़सवारी, शारीरिक प्रशिक्षण, आउटडोर कैंप, सर्विस और अकादमिक विषयों के साथ-साथ हथियार प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया गया। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाली विभिन्न कंपनियों को भी ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
2011 में हुई थी ओटीए गयाजी की स्थापना
ओटीए गयाजी की स्थापना 18 जुलाई 2011 को हुई थी। यह भारतीय सेना की देश में तीसरी और सबसे नई प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग एकेडमी है। स्थापना के बाद से अकादमी सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व के विभिन्न आयामों में युवाओं को प्रशिक्षित कर देश के लिए सक्षम सैन्य नेतृत्व तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अकादमी के प्रतीक चिह्न में एक-दूसरे को काटती हुई दो तलवारों के बीच धर्मचक्र अंकित है। यह प्रतीक अकादमी के मूल मूल्यों और सैन्य परंपराओं को दर्शाता है। प्रतीक चिह्न के नीचे देवनागरी लिपि में अकादमी का आदर्श वाक्य 'शौर्य, ज्ञान, संकल्प' अंकित है।
इसी आदर्श वाक्य के प्रति प्रतिबद्धता के साथ ओटीए गयाजी सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कैडेट्स में साहस, ज्ञान, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने पर जोर देती है। 5 सितंबर को होने वाली 29वीं पासिंग आउट परेड इन कैडेट्स के प्रशिक्षण की परिणति के साथ-साथ उनके सैन्य जीवन की नई शुरुआत का भी प्रतीक होगी।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

