पोर्टरों की मनमानी पर उत्तर रेलवे का शिकंजा, डिकॉय जांच में 13 मामले पकड़े
नई दिल्ली, 17 अगस्त (हि.स.)। यात्रियों से निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली करने वाले लाइसेंसधारी पोर्टरों के खिलाफ उत्तर रेलवे ने सख्त रुख अपनाते हुए औचक और डिकॉय जांच अभियान तेज कर दिया है। नई दिल्ली, दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार टर्मिनल रेलवे स्टेशनों पर की गई विशेष जांच में कुल 13 पोर्टरों के खिलाफ अधिक वसूली के मामले सामने आए हैं।
जांच के दौरान आनंद विहार टर्मिनल पर एक पोर्टर यात्री से अधिक राशि वसूलते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पोर्टर ने पहले सामान ढोने के लिए 800 रुपये की मांग की और बाद में 500 रुपये में सौदा तय कर यात्री से 500 रुपये ले लिए, जबकि निर्धारित शुल्क केवल 230 रुपये था।
इसी तरह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 20 किलोग्राम सामान के लिए यात्रियों से 300 और 250 रुपये वसूले गए, जबकि निर्धारित शुल्क 140 रुपये था। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी पांच पोर्टर दो सामानों के लिए निर्धारित 280 रुपये से अधिक राशि लेते पाए गए। इन मामलों में यात्रियों से 300 से 500 रुपये तक वसूले गए।
हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर भी अधिक वसूली के कई मामले सामने आए। जांच में पोर्टरों द्वारा यात्रियों से मनमानी रकम को लेकर सौदेबाजी करने और यूपीआई व क्यूआर कोड के जरिए डिजिटल भुगतान लेने के प्रमाण मिले। एक मामले में पोर्टर के पास पहचान-पत्र नहीं मिला, जबकि एक अन्य पोर्टर ने अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया।
उत्तर रेलवे ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पोर्टरों के बैज और बैच तत्काल जब्त कर उन्हें ड्यूटी से हटाने तथा अग्रिम आदेश तक काम पर रोक लगाने की कार्रवाई प्रस्तावित की है। इसके अलावा लाइसेंस की शर्तों और लागू रेलवे नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
रेलवे का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल दोषियों को दंडित करना नहीं, बल्कि यात्रियों से अधिक वसूली के खिलाफ मजबूत निवारक प्रभाव पैदा करना और पोर्टर सेवाओं को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना है।
उत्तर रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे पोर्टर सेवाओं के लिए केवल निर्धारित टैरिफ का ही भुगतान करें। यदि कोई पोर्टर अधिक राशि की मांग करता है या दुर्व्यवहार करता है तो यात्री तुरंत रेल मदद पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत में स्टेशन का नाम, पोर्टर का बैज या बैच नंबर और अन्य उपलब्ध विवरण देने की सलाह दी गई है।
रेलवे के अनुसार औचक निरीक्षण और डिकॉय ऑपरेशन का असर भी दिखाई दे रहा है। यात्रियों ने जांच टीमों की सक्रियता और दोषी पोर्टरों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। सभी मंडलों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रैंडम डिकॉय ऑपरेशन, औचक निरीक्षण और यात्रियों की शिकायतों के सत्यापन के जरिए पोर्टरों की कार्यप्रणाली पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निर्धारित टैरिफ या लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

