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ऑपरेशन सिंदूर के समय साइबर आतंकवाद मामले में एनआईए की पांच राज्यों में पांच ठिकानों पर छापेमारी

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ऑपरेशन सिंदूर के समय साइबर आतंकवाद मामले में एनआईए की पांच राज्यों में पांच ठिकानों पर छापेमारी


नई दिल्ली, 24 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत सरकार की 54 वेबसाइटों पर कथित रूप से किए गए साइबर हमले के मामले में सोमवार को पांच राज्यों और दिल्ली में पांच ठिकानों पर तलाशी ली। एनआईए की यह कार्रवाई साइबर आतंकवाद के गुजरात मामले की चल रही जांच के तहत की गई।

एजेंसी ने महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर, गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद, तेलंगाना के करीमनगर जिले के रामागुंडम, बिहार के गोपालगंज और दिल्ली स्थित परिसरों की तलाशी ली। मामले में अब तक दो आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला मूल रूप से गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने दर्ज किया था, जिसे बाद में एनआईए ने अपने हाथ में लेकर आरसी-01/2025/एनआईए/एएमडी के रूप में दर्ज किया।

एनआईए के मुताबिक, आरोपितों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत सरकार से जुड़ी 54 वेबसाइटों पर अत्याधुनिक डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस (डीडीओएस) हमले करने का प्रयास किया था। इन हमलों का निशाना महत्वपूर्ण कंप्यूटर संसाधन और महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना थे। एजेंसी के अनुसार, हमलों का कथित उद्देश्य देश की संप्रभुता, सुरक्षा और एकता को प्रभावित करना तथा लोगों में भय पैदा करना था।

जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण के जरिए ऐसे संदिग्धों की पहचान की गई, जिन्होंने कथित तौर पर गिरफ्तार आरोपितों को डीडीओएस हमले करने की तैयारी और तकनीकी कौशल बढ़ाने में सहायता एवं सहयोग दिया था। सक्षम अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद सोमवार सुबह इन संदिग्धों के परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की गई।

तलाशी के दौरान साइबर हमलों और हैकिंग गतिविधियों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री वाले विभिन्न डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए। एनआईए ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और पेन ड्राइव समेत अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लिए।

एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान संदिग्धों से गिरफ्तार आरोपितों के साथ उनके संबंध और कथित गतिविधियों में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ भी की गई। जब्त डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के जरिए साइबर हमले की पूरी साजिश, तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने वाले लोगों और नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनआईए ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर