एनआईए की ओर से अपने नागरिकों की गिरफ्तारी पर यूक्रेन ने दर्ज कराया विरोध
नई दिल्ली, 17 मार्च (हि.स.)। एनआईए ने भारत विरोधी गतिविधियों के लिए 6 यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को गिफ्तार किया है। यूक्रेन ने जहां गिफ्तारी पर अपना आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है। वहीं, अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने ‘निजता’ का हवाला देते हुए इसपर कुछ भी कहने से इनकार किया है।
यूक्रेन के 6 नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक वीजा नियमों को तोड़ते हुए मिजोरम में बिना परमिट घूसे और वहां से यह सीमापार कर म्यांमार गए। इस संबंध में अभी तक सरकार या गिफ्तार करने वाली एजेंसी एनआईए की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि भारत ने उनके नागरिकों को 13 मार्च को गिरफ्तार किया था। उन पर परमिट के बिना मिजोरम जाने और कथित तौर पर सीमा पार कर म्यांमार जाने का आरोप लगाया गया है।
सभी हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों को एनआईए की विशेष अदालत में कल पेश किया गया था। वहां से इन सभी को 27 मार्च तक के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया गया है।
एनआईए ने कोर्ट को बताया है कि आरोपी जातीय सशस्त्र समूहों के इस्तेमाल के लिए यूरोप से भारत के रास्ते म्यांमार तक ड्रोन की बड़ी खेप की अवैध रूप से तस्करी में शामिल थे। ये समूह कथित तौर पर कुछ प्रतिबंधित भारतीय विद्रोही समूहों को हथियार और अन्य आतंकवादी साजो-सामान की आपूर्ति करके और उन्हें प्रशिक्षण देकर भी मदद कर रहे थे।
बयान में कहा गया है कि यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के साथ एक बैठक की, जिसके दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध-पत्र सौंपा, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों की तत्काल रिहाई और उन तक पहुंच की मांग की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

