रामासुब्रमणियन ने मजदूरों के काम का रिकॉर्ड रखने को 'हेल्पलाइन' शुरू करने पर दिया जोर
नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के अध्यक्ष जस्टिस वी. रामासुब्रमणियन ने शुक्रवार को हरियाणा के ईंट-भट्ठों में बंधुआ मजदूरी से जुड़े 86 मामलों पर आभासी मंच पर सुनवाई के दौरान एक विशेष 'हेल्पलाइन' शुरू करने पर जोर दिया, ताकि मजदूरों के काम का पूरा रिकॉर्ड रख सकें।
सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि अधिकतर मामलों में संबंधित सरकारी अधिकारियों ने कागजात और रिकॉर्ड की ठीक से जांच नहीं की। यही वजह है कि उनके पास किसी को बंधुआ मजदूर साबित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य नहीं थे। हेल्पलाइन शुरू होने से मजदूरों के काम का रिकॉर्ड रखने के साथ-साथ उनकी मदद और ऐसी घटनाओं को रोकने में कामयाबी मिल सकेगी।
रामासुब्रमणियन ने अधिकारियों को सचेत रहने की सलाह देते हुए कहा कि जब भी ऐसी किसी शिकायत की जांच के लिए टीम बनाई जाए, तो श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से 14 मई 2026 में जारी किए गए नए नियमों (एसओपी) का पूरा पालन किया जाए।
बैठक के दौरान आयोग ने जिलों से आई कार्रवाई रिपोर्ट की भी गहन समीक्षा की गई। इसके बाद हरियाणा के मुख्य सचिव और श्रम आयुक्त ने आयोग को भरोसा दिलाया कि सरकार इन सभी 86 मामलों की दोबारा अच्छे से जांच करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेशों और देश के कानूनों का पूरी तरह पालन किया जाएगा ताकि मजदूरों को तुरंत राहत मिल सके।
इसके अलावा सुनवाई के दौरान आयोग ने जिला प्रशासकों की ओर से प्रस्तुत की गई कार्रवाई रिपोर्टों की भी गहन समीक्षा की।
इस मौके पर संयुक्त सचिव समीर कुमार, संयुक्त रजिस्ट्रार (कानून) इंद्रजीत कुमार, हरियाणा सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, श्रम आयुक्त विजयकुमार भाविकट्टी और सभी जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

