एनएफपीआरसी कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल संवाद पर मंथन, तरुण चुघ-संबित पात्रा समेत 80 जनप्रतिनिधि शामिल
नई दिल्ली, 26 मई (हि.स.)। नेशन फर्स्ट पॉलिसी रिसर्च एंड चेंज फाउंडेशन (एनएफपीआरसी) के कार्यक्रम में सांसदों और विधायकों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल संवाद, सुशासन और विकसित भारत से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
यहां मंगलवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में आयोजित इस कार्यशाला में सांसद डॉ. संबित पात्रा, एनएफपीआरसी फाउंडेशन के अध्यक्ष तरुण चुघ, सांसद डॉ. सीएन मंजूनाथ, सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के वरिष्ठ निदेशक सौरभ चोपड़ा, डब्ल्यूटीओ जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर आशीष चंदोरकर, एनएफपीआरसी फाउंडेशन के बोर्ड सदस्य अभिनव प्रकाश सहित लोकसभा, राज्यसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के लगभग 80 जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
एनएफपीआरसी फाउंडेशन के अध्यक्ष तरुण चुघ ने कहा कि आयुष्मान भारत, नई शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल संवाद जैसे प्रयास विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बन रहे हैं। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनकेंद्रित शासन और तकनीक आधारित संवाद व्यवस्था को और मजबूत करना होगा।
लोकसभा सांसद डॉ. सीएन मंजूनाथ ने आयुष्मान भारत योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि पीएम-जन आरोग्य योजना और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की गांवों तक पहुंच विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के वरिष्ठ निदेशक सौरभ चोपड़ा ने नई शिक्षा नीति 2020 को शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि मातृभाषा आधारित शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल लर्निंग युवाओं को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।
लोकसभा सांसद डॉ. संबित पात्रा ने रणनीतिक डिजिटल संचार पर प्रस्तुति देते हुए कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने मीडिया सहभागिता, सोशल मीडिया प्रबंधन और संकट की स्थिति में संवाद रणनीतियों पर चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर आशीष चंदोरकर का वीडियो संदेश भी प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की रणनीति, कोविन प्लेटफॉर्म और टीकाकरण अभियान का उल्लेख किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

