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नेपाल त्रासदी में बही इमारत: छत्तीसगढ़ की डॉ. मीना गुप्ता समेत 80 मानसरोवर यात्री लापता

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नेपाल त्रासदी में बही इमारत: छत्तीसगढ़ की डॉ. मीना गुप्ता समेत 80 मानसरोवर यात्री लापता


नेपाल त्रासदी में बही इमारत: छत्तीसगढ़ की डॉ. मीना गुप्ता समेत 80 मानसरोवर यात्री लापता


- राहत-बचाव दल ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

अम्बिकापुर, 27 अगस्त (हि.स.)। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ ने एक भयानक त्रासदी का रूप ले लिया है, जिसमें कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौट रहे करीब 80 यात्री लापता हो गए हैं। लापता लोगों में छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर की मूल निवासी और वर्तमान में इंग्लैंड के टोरकी में पदस्थ प्रख्यात चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मीना गुप्ता भी शामिल हैं। वे इस दल में छत्तीसगढ़ से एकमात्र यात्री थीं। डॉ. मीना अम्बिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं एल्डरमैन करताराम गुप्ता की सुपुत्री हैं।

मिली जानकारी के अनुसार डॉ. मीना गुप्ता 14 अगस्त को इंग्लैंड से दिल्ली पहुंची थीं, जिसके बाद वे एक आध्यात्मिक गुरु के नेतृत्व में 80 सदस्यीय दल के साथ काठमांडू के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रवाना हुई थीं। दल ने 23 अगस्त को मानसरोवर के दर्शन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे। 25 अगस्त को जब पूरा दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित आव्रजन (इमिग्रेशन) कार्यालय में कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रहा था, तभी अचानक आई तेज बाढ़ के सैलाब ने तीन मंजिला इमारत को पलक झपकते ही जमींदोज कर दिया। इस अचानक हुए हादसे के बाद से डॉ. मीना समेत पूरे दल का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

आपदा प्रभावित क्षेत्र में संचार और बिजली नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त होने के कारण राहत व बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दर्दनाक खबर के सामने आते ही अम्बिकापुर स्थित उनके परिवार सहित पूरे शहर में चिंता और सन्नाटा पसर गया है। डॉ. मीना की प्रारंभिक शिक्षा अम्बिकापुर के होलीक्रॉस स्कूल से हुई थी और वे लंबे समय से इंग्लैंड में सेवा दे रही थीं। रक्षाबंधन के अवसर पर बेटी से मिलने की उम्मीद लेकर दिल्ली पहुंचे पिता करताराम गुप्ता और पूरा परिवार अब उनकी सकुशल वापसी के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जानकारी ली है। राज्य शासन स्तर से केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से लगातार समन्वय साधा जा रहा है, ताकि नेपाल प्रशासन और स्थानीय आपदा प्रबंधन दलों के जरिए लापता यात्रियों की खोजबीन में तेजी लाई जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह