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एनसीडब्ल्यू के ‘उड़ान’ कार्यक्रम से 12,500 छात्राओं को मिला जागरूकता व कौशल विकास का लाभ

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एनसीडब्ल्यू के ‘उड़ान’ कार्यक्रम से 12,500 छात्राओं को मिला जागरूकता व कौशल विकास का लाभ


नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा, सुरक्षा, आर्थिक भागीदारी और नेतृत्व की भूमिका आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

रहाटकर गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के गैर-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (एनसीवेब) के सहयोग से आयोजित ‘उड़ान : सपने बड़े हों, रास्ते अनेक हों’ के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ‘सपने बड़े हों, रास्ते अनेक हों’ का संदेश इस बात पर केंद्रित है कि हर युवा महिला को अपने भविष्य को आकार देने और देश की प्रगति में योगदान करने के लिए जरूरी ज्ञान, कौशल और अवसर उपलब्ध होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि रचनात्मक प्रतियोगिताओं के जरिए लैंगिक समानता का संदेश

‘उड़ान’ पहल के तहत छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के लिए तीन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इनमें रील मेकिंग, लैंगिक जागरूकता के लिए गीतों के बोल को नए रूप में प्रस्तुत करने की ‘लिरिक्स रीबूट’ प्रतियोगिता और पोस्टर मेकिंग शामिल थीं। इन गतिविधियों के जरिए छात्राओं को लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देने, समानता का संदेश देने और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला। इस अवसर पर आयोग की सदस्य निवेदिता एस. सुब्रमण्यम और अर्चना मिश्रा, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता, दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव रश्मि सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता और एनसीवेब की निदेशक गीता भट्ट भी मौजूद रहीं।

इस पहल के तहत एक से 19 अक्टूबर के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के एनसीवेब के 26 केंद्रों पर 26 व्याख्यान आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से करीब 12,500 छात्राओं को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के जरिए अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करना था। व्याख्यानों में व्यक्तिगत विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल उपकरणों, भविष्य के लिए जरूरी कौशल और सुरक्षित ऑनलाइन गतिविधियों जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

इन प्रतियोगिताओं ने डिजिटल साक्षरता, आलोचनात्मक सोच और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के साथ छात्राओं की सामाजिक मुद्दों के प्रति भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रीय महिला आयोग और एनसीवेब की इस संयुक्त पहल का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उभरते अवसरों के प्रति उनकी समझ विकसित करना और व्यक्तिगत, शैक्षणिक तथा व्यावसायिक जीवन से जुड़े फैसले लेने के लिए उन्हें सक्षम बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी