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प्राकृतिक खेती ही कृषि और स्वास्थ्य का सुरक्षित भविष्य : आचार्य देवव्रत

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प्राकृतिक खेती ही कृषि और स्वास्थ्य का सुरक्षित भविष्य : आचार्य देवव्रत


प्राकृतिक खेती ही कृषि और स्वास्थ्य का सुरक्षित भविष्य : आचार्य देवव्रत


रासायनिक खेती से मिट्टी का ऑर्गेनिक कार्बन निम्न स्तर तक पहुंचा

जयपुर, 12 जून (हि.स.)। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि यदि समय रहते रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के प्रति समाज और किसान जागरूक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियां इसे कभी माफ नहीं करेंगी। आज हम खेती नहीं, पाप कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती ही कृषि और स्वास्थ्य का सुरक्षित भविष्य है। उन्होंने कहा कि किसान वास्तव में राजाओं का राजा है, क्योंकि वह पूरे समाज का पेट भरने का कार्य करता है।

गुजरात के राज्यपाल ने कहा कि हरित क्रांति के जनक एम स्वामीनाथन ने उस समय की जरूरत के हिसाब से ढाई एकड़ में 13 किलो नाइट्रोजन डालने की सिफारिश की थी। लेकिन आज हरियाणा-पंजाब के किसान एक एकड़ में 13 कट्टे यूरिया डाल रहे हैं। विनाश नहीं होगा तो क्या होगा, आपके द्वारा कितना कितना पाप किया जा रहा है। हमने करोड़ टन यूरिया डालकर कितनी ही पीढ़ियां बर्बाद कर दीं। कितने ही जीव जंतु खत्म कर दिए। इस जमीन पर पैदा होने वाली फसल को आप और हम सब खाते हैं। वह जहर धीरे-धीरे हमारे अंदर जाता है, हमारे ऑर्गन फेलियर उसी से होते हैं।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत शुक्रवार को जयपुर के सवाई मान सिंह इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। दरअसल राजस्थान में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भाजपा किसान मोर्चा की ओर से प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती के कारण देश के अनेक हिस्सों में मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर चिंताजनक रूप से घट गया है। उन्होंने सूक्ष्म जीव और मित्र कीट द्वारा मिट्टी को मुलायम करने और उर्वरकता बढ़ाने की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन में कमी नहीं बल्कि वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि वे स्वयं कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते हुए प्राकृतिक खेती करते हैं, जिसका उत्पादन रासायनिक खेती से कहीं अधिक होता है।महर्षि दयानंद सरस्वती का उल्लेख करते हुए आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसान वास्तव में राजाओं का राजा है, क्योंकि वह पूरे समाज का पेट भरने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि किसान का धन सबसे बड़ा धन है, क्योंकि वह कठोर परिश्रम और तपस्या से अन्न उत्पादन करता है तथा उसे समाज की सेवा में समर्पित कर देता है।

इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने अपने संबोधन में किसानों से कहा कि वे रसायन मुक्त अनाज तैयार करें और लोगों को बीमारियों से बचाने में अपना सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि एक समय जब देश में अनाज नहीं बचा था तब किसानों ने पूरी मेहनत कर अनाज उगाया। किसानों की मेहनत के कारण ही आज हमारे देश में अनाज के भण्डार हैं। उन्होंने कहा कि किसान गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन करें, आमजन ऐसी पैदावार को खरीदने के लिए हमेशा तैयार हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे किसानों ने पंचगव्य, जीवामृत, बीजामृत और मल्चिंग जैसे प्राकृतिक खेती के तरीकों से मानव और मिट्टी दोनों की सेहत का ध्यान रखा है। इसलिए हमें प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धरती माता को जहरीले रसायन और कीटनाशकों से नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने जल एवं ऊर्जा उपलब्धता का विस्तृत रोडमैप बनाया है। इसके तहत रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी एवं गंगनहर के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ माही, देवास तथा सोम-कमला-अंबा, ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। विगत ढाई वर्ष में ऊर्जा उत्पादन में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। हम वर्ष 2027 तक प्रदेशभर में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। आज 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। सरकार खेती को लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए हर स्तर पर काम कर रही है। बैलों द्वारा पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान, हरियालो राजस्थान जैसी पहल की हैं।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कीटनाशकों का उपयोग कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बन रहा है। ऐसे में, किसान अपनी जिम्मेदारी समझते हुए खेती में प्राकृतिक खाद का उपयोग करें और लोगों को पोषणयुक्त खाद्यान्न उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि किसानों की हरसंभव मदद के लिए डबल इंजन की सरकार तत्पर है।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि हम प्रकृति की ओर लौटे और प्राकृतिक खेती के जरिए देश में पोषणयुक्त अन्न पैदा करें। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बेहतरीन कार्य हो रहा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री अजेय कुमार, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, मंत्री परिषद के सदस्य, सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। इस दौरान प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदर्शनी एवं लघु नाटिका का मंचन भी किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर