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निर्वाचन आयोग के वकीलों के राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

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निर्वाचन आयोग के वकीलों के राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ


नई दिल्ली, 30 मई (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों का एक दिवसीय दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में शुरू हुआ। इसका उद्घाटन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने किया। सम्मेलन 'कानूनी चुनौतियों, अनुभवों, सीखों और आगे के रास्ते का एक वर्ष विषय पर आधारित था। इस सम्मेलन का उद्देश्य चुनाव आयोग के कानूनी ढांचे तथा रणनीति को और मजबूत करना था।

सम्मेलन में भारत के सर्वोच्च न्यायालय और देशभर के विभिन्न उच्च न्यायालयों में आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं के साथ-साथ आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ज्ञानेश कुमार ने कहा, निष्पक्ष मतदाता सूची से निष्पक्ष चुनाव होते हैं। आज यही महत्वपूर्ण समय है और भारत इसमें शामिल है। उन्होंने मतदाता सूची प्रबंधन के लिए बीएलओ और बीएलए को जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ता बताया। हाल ही में संपन्न हुए असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक भागीदारी के लिए मतदाताओं को बधाई दी।

ज्ञानेश कुमार ने देशभर की अदालतों में आयोग का प्रतिनिधित्व करने में वकीलों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। चुनाव आयोग के डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि एक दिवसीय सम्मेलन चुनाव आयोग और देशभर में उसके कानूनी प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को और मजबूत करेगा।

चुनाव आयोग के डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि यह सम्मेलन उभरते कानूनी चुनौतियों पर अनुभवों के आदान-प्रदान और विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा, जिससे गतिशील चुनावी माहौल में चुनावी निष्पक्षता को और मजबूत करने तथा बनाए रखने के लिए प्रभावी कानूनी रणनीतियों का निर्माण संभव होगा।

मतदाता सूची प्रबंधन, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदान और मतगणना प्रक्रियाएं और ईवीएम प्रदर्शन जैसी प्रमुख चुनावी प्रक्रियाओं पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए।

अधिवक्ताओं (वकीलों) ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही चुनाव कानून, अदालती प्रक्रिया, कानूनी सुधार, संस्थागत तालमेल, मीडिया की भूमिका और ईसीआई की तकनीकी पहलों (जैसे ईसीआईएनईटी) पर भी चर्चा हुई। इन चर्चाओं ने चुनावी और कानूनी क्षेत्र के नए मुद्दों को समझने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया।

यह सम्मेलन, 2025 के राष्ट्रीय सम्मेलन के परिणामों को आगे ले जाने का काम करता है। साथ ही, यह प्रगति की समीक्षा करने, आपस में विचारों का आदान-प्रदान करने और आयोग के कानूनी ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने के लिए जरूरी प्राथमिकताओं की पहचान करने का एक अवसर है।

ईसीआई के अनुसार सम्मेलन के दौरान उपस्थित कानूनी विशेषज्ञों और वकीलों को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने वाले विभिन्न सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान मुख्य रूप से कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इनमें मतदाता सूची प्रबंधन, विशेष सघन पुनरीक्षण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाएं तथा निष्पक्षता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी