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रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय कृषि मेला, इंटीग्रेटेड फार्मिंग का मॉडल बनेगा आकर्षण

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रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय कृषि मेला, इंटीग्रेटेड फार्मिंग का मॉडल बनेगा आकर्षण


नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रायसेन में 11 से 13 अप्रैल तक राष्ट्रीय कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस आशय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस मेले का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इंटीग्रेटेड फार्मिंग का मॉडल होगा। किसान गेहूं और चावल के अलावा उसी जमीन पर फल-सब्जी की खेती, पशुपालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन या मछली पालन जैसे काम जोड़कर अधिक मुनाफा कैसे कमा सकता है। इसका प्रेजेंटेशन और लाइव डेमो मेले में दिखाया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कृषि मेला किसानों को नई जानकारी, तकनीक और बेहतर खेती के रास्ते दिखाने में मील का पत्थर साबित होगा। मेले में किसानों को उत्तम बीजों की पहचान, आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसलों में रोग लगने पर उपचार, असली और नकली खाद की पहचान, पेस्टीसाइड के सही उपयोग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही फसल कटाई के बाद सुरक्षित भंडारण, वैल्यू एडिशन, कच्चे माल की प्रोसेसिंग और बाजार तक बेहतर तरीके से बिक्री के तरीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही यहां किसानों को लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन भी दिखाए जाएंगे।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, मेले में इंटीग्रेटेड फार्मिंग, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, पर ड्रॉप मोर क्रॉप तकनीक समेत कई आधुनिक कृषि विषयों पर अलग-अलग प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। किसानों की अलग-अलग रुचि और जरूरतों के हिसाब से यहां सत्र आयोजित होंगे, ताकि उन्हें खेती में नई तकनीक और बेहतर आय के रास्तों की जानकारी मिल सके। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, इस मेले में बीज, मशीनीकरण, बागवानी, कृषि स्टार्ट-अप्स, फसलोपरांत प्रबंधन, भंडारण, प्रोसेसिंग और फसलों में रोग प्रबंधन जैसे विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही ये भी बताया जाएगा कि किसान अपने खेती के खर्चे कैसे कम कर सकते हैं और मॉडर्न व स्मार्ट एग्रीकल्चर को कैसे अपना सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, कृषि क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्ट-अप्स किसानों के सामने अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे, जिससे किसानों को नई सोच और प्रेरणा मिलेगी। किसानों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष जोर रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी