स्वस्थ भारत से ही विकसित भारत का निर्माण संभव : नड्डा
नई दिल्ली, 30 जून (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को कहा कि स्वस्थ भारत से ही विकसित भारत का निर्माण संभव है।
देश में “निवारक स्वास्थ्य देखभाल”को अब ज्यादा महत्व दिया जा रहा है, ताकि लोग गंभीर बीमारियों से पहले ही सुरक्षित रह सकें। स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव है और इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
मंगलवार को जे पी नड्डा इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज(आईएलबीएस)के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए “हार्डवेयर” और “सॉफ्टवेयर” दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया है। उनके अनुसार, हार्डवेयर का मतलब है अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, जबकि सॉफ्टवेयर का अर्थ है बेहतर नीतियां, प्रशिक्षण और ऐसा शैक्षणिक माहौल जो डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को आगे बढ़ने में मदद करे।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 818 हो गई है। इसी तरह एमबीबीएस सीटें लगभग 50 हजार से बढ़कर 1.20 लाख से अधिक हो गई हैं, जबकि पीजी सीटें 30 हजार से बढ़कर 80 हजार से अधिक पहुंच चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और 75 हजार नई मेडिकल सीटें जोड़ने का है, जिससे देश में डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर हो सके।
अपने संबोधन में मंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत में 23 एम्स काम कर रहे हैं, जिनमें से कई हाल के वर्षों में शुरू किए गए हैं। यह विस्तार देश में सुपर-स्पेशियलिटी इलाज और मेडिकल शिक्षा को नई दिशा दे रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका को अहम बताया। देशभर में 1.85 लाख से अधिक ऐसे केंद्र काम कर रहे हैं, जो लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में लोगों की ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों की जांच की जा रही है। समय पर जांच से कई मरीजों में बीमारी का शुरुआती चरण में ही पता लग रहा है, जिससे इलाज आसान हो रहा है।
नड्डा ने कहा कि देश में “निवारक स्वास्थ्य देखभाल” को अब ज्यादा महत्व दिया जा रहा है, ताकि लोग गंभीर बीमारियों से पहले ही सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की नींव है और इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
आईएलबीएस की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान लिवर रोगों के इलाज, शोध और फैटी लिवर जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है।
दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा केवल एक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके साथ समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उन्होंने नव-डिग्रीधारकों से अपील की कि वे अपने करियर में चिकित्सा नैतिकता, संवेदनशीलता और सेवा भाव को हमेशा बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का कार्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार रखना भी है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

