महिलाओं की सुरक्षा, समानता और न्याय हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: विजया रहाटकर
- मप्र के शिवपुरी में आयोजित हुई ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ जनसुनवाई
शिवपुरी, 28 सितम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मुद्दे अत्यंत संवेदनशील और पारिवारिक होते हैं। इसलिए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को प्रकरणों की पृष्ठभूमि समझकर ही न्यायसंगत कार्रवाई करनी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा, समानता और न्याय हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर सोमवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में आयोजित आयोग की जनसुनवाई के दौरान मीडिया को संबोधित कर रही थीं। महिलाओं की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से शिवपुरी के सर्किट हाउस में सोमवार को अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में 'राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार' कार्यक्रम के अंतर्गत जनसुनवाई हुई। इस दौरान आयोग की अध्यक्ष ने अत्यंत संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ जिले भर से आई महिलाओं की समस्याओं को एक-एक कर सुना तथा संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान लगभग 50 शिकायतों पर विस्तृत सुनवाई की गई, जिनमें 40 महिलाओं ने उपस्थित होकर अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इन आवेदनों में मुख्य रूप से साइबर अपराध, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, दहेज प्रथा से जुड़े मामले तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएं शामिल रहीं।
आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने एक-एक कर महिलाओं से सीधा संवाद करते हुए आवेदनों की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही पात्र महिलाओं को तीन दिनों के भीतर संबंधित शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने को कहा।
ग्रामीण और दूर-दराज की महिलाओं के लिए आयोग की विशेष पहल
जनसुनवाई के दौरान उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि ‘राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार’ पहल का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं तक पहुँचना है जो दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहती हैं और अपनी समस्याओं को लेकर दिल्ली तक नहीं आ पाती हैं। गांव-देहात में रहने वाली कई महिलाओं को यह जानकारी भी नहीं होती कि वे अपनी समस्या किसे और कहां सुनाएं, इसीलिए आज राष्ट्रीय महिला आयोग खुद आपके बीच आया है।
महिलाओं को पूर्ण न्याय और सहायता का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय महिला आयोग सीधे आपके साथ खड़ा है, तो यकीनन आपकी समस्याओं का समाधान जरूर होगा। मैं आप सभी को आश्वस्त करती हूँ कि आयोग से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया ही जाएगा, साथ ही अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं को भी संबंधित विभागों के समक्ष रखकर उनका हल निकाला जाएगा।
कानूनों के दुरुपयोग से बचने की अपील
जनसुनवाई के उपरांत मीडिया संवाद में विजया रहाटकर ने दहेज कानून और अन्य महिला हितैषी कानूनों के दुरुपयोग से बचने की अपील करते हुए कहा कि असत्य आरोपों से वास्तविक पीड़ित महिलाओं के मामले प्रभावित होते हैं, जबकि कानून सभी के लिए समान है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिले में 'एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग' (मानव तस्करी रोधी) तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने, सेक्स वर्कर्स से जुड़े मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर उचित कानूनी कदम उठाने तथा हेल्पलाइन के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर म.प्र. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव, सदस्य साधना स्थापक, पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया, म.प्र. राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव सुरेश तोमर, जिला पंचायत सीईओ विजय राज, अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला, उपनिदेशक रामावतार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

