वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 : मप्र की टीईएस-एच2 के साथ सिंथेटिक मीथेन और लो-कार्बन ईंधन अवसरों पर हुई चर्चा
दावोस, 20 जनवरी (हि.स.)। स्विट्जरलैंड के दावोस शहर में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के दूसरे दिन मंगलवार को मप्र के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने टीईएस-एच2 के ओरिजिनेशन एवं बिज़नेस डेवलपमेंट प्रमुख फिलिपो कोमेल्ली के साथ सिंथेटिक मीथेन और लो-कार्बन ईंधनों के क्षेत्र में संभावित अवसरों पर गहन चर्चा की।
अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव ने बताया कि टीईएस-एच2 विश्व के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक मीथेन उत्पादकों में से एक है, जिसके वाणिज्यिक परिचालन कई देशों में संचालित हैं। बैठक के दौरान कंपनी द्वारा अपना वैश्विक दृष्टिकोण और भारत में चल रहे कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई। चर्चा में समुद्री क्षेत्र में सिंथेटिक मीथेन की बढ़ती भूमिका, भारत को भविष्य में एक प्रमुख एलएनजी आयातक के रूप में उभरने और गैस-आधारित विद्युत उत्पादन के स्थान पर बायोगैस एवं स्वच्छ ईंधन विकल्पों पर देश के बढ़ते फोकस को रेखांकित किया गया।
अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार की रणनीतिक प्रासंगिकता को उजागर करते हुए बताया कि राज्य से होकर गुजरने वाली हजीरा–विजयपुर–जगदीशपुर (एचवीजे) गैस पाइपलाइन और गन्ना जैसी कृषि-आधारित उद्योगों से उपलब्ध बायोजेनिक सीओटू (CO2) स्रोत, कम कार्बन तीव्रता वाले ईंधन विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।
दोनों पक्षों ने भारत के स्वच्छ ईंधन संक्रमण एवं मध्यप्रदेश के कम-कार्बन विकास उद्देश्यों के अनुरूप संभावित पायलट परियोजनाओं और सहयोग के मार्गों की पहचान के लिए चर्चा जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह और जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना उपस्थित रहे।________________
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

