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वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026 में मप्र ने किया एआई और उभरती तकनीकों पर संवाद

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वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026 में मप्र ने किया एआई और उभरती तकनीकों पर संवाद


- टच लैब के साथ मध्य प्रदेश ने तलाशी सहयोग की संभावनाएं

दावोस/भोपाल, 19 जनवरी (हि.स.)। स्वीट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026 में सोमवार को मध्य प्रदेश शासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग और निवेश की संभावनाओं को लेकर एआई आधारित कंपनी टच लैब कंपनी के सलाहकार हर्वे कौराये से चर्चा की।

मप्र के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने चर्चा में राज्य की तकनीकी क्षमताओं, नीतिगत समर्थन और संभावित साझेदारी के व्यावहारिक पहलुओं पर संवाद किया। बैठक में टच लैब कंपनी के प्रतिनिधियों ने एआई आधारित उन्नत तकनीकी समाधानों को लेकर अपने वैश्विक अनुभव साझा करते हुए बताया कि कंपनी का विस्तार यूनाइटेड किंगडम, टोक्यो और संयुक्त राज्य अमेरिका तक है। कंपनी ने बताया कि वे आगामी वैश्विक एआई समिट में भागीदारी कर रहे हैं।

प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश एआई और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में चरणबद्ध और यथार्थवादी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य में उपलब्ध किफायती और विश्वसनीय विद्युत अधोसंरचना को रेखांकित करते हुए कहा कि यह डेटा सेंटर और कंप्यूट-इंटेंसिव संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। उन्होंने नाट्रैक्स को राज्य की एक विशिष्ट तकनीकी परिसंपत्ति बताते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा ऑटोमोटिव टेस्टिंग और वैलिडेशन ट्रैक होने से यह एडवांस्ड मोबिलिटी, एआई आधारित परीक्षण और अगली पीढ़ी की तकनीकी एप्लिकेशंस के लिए वास्तविक उपयोग-आधारित अवसर उपलब्ध कराता है।

बैठक में शिक्षा और अनुसंधान आधारित सहयोग पर भी चर्चा हुई, जिसमें एसएमई की भागीदारी और एप्लाइड इनोवेशन को सशक्त करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने राज्य के स्टार्ट-अप इको सिस्टम का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में छह हजार से अधिक पंजीकृत स्टार्ट-अप सक्रिय हैं, जो नई तकनीकों के पायलट प्रोजेक्ट, परीक्षण और सह-विकास के लिए सहयोगी वातावरण प्रदान करते हैं।

टच लैब ने सायबर सुरक्षा और ऑनलाइन गेमिंग जैसे क्षेत्रों में अपनी तकनीक के संभावित उपयोग में रुचि व्यक्त की। यह रुचि मध्य प्रदेश की एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) और डिजिटल इनोवेशन से जुड़ी समर्पित नीतियों के अनुरूप है।

दोनों पक्षों के बीच एआई केंद्रित पायलट परियोजनाओं, इको सिस्टम पार्टनरशिप और मध्य प्रदेश में तकनीक आधारित पहलों की संभावनाओं पर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति बनी। यह संवाद दावोस में मध्य प्रदेश की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत राज्य वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ व्यावहारिक संवाद के माध्यम से एआई और डीपटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग और निवेश के अवसर तलाश रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर