(अपडेट)उरुग्वे के राजदूत ने भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार संबंधों को बताया उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला
इंदौर, 06 जून (हि.स.)। भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी ने भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार संबंधों को उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, उसी प्रकार लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को भी इस चुनौती के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।
उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित इंडिया–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विभिन्न देशों के राजदूतों, गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों का अभिवादन करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता और उत्साह का अनुभव हो रहा है।
अल्बर्टो ने कहा कि भारत का हृदय कहे जाने वाले मध्य प्रदेश ने उन्हें हमेशा आकर्षित किया है और यह प्रदेश भारत की प्रगति, विकास और संभावनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जो महत्वाकांक्षी दृष्टि प्रस्तुत की गई है, मध्य प्रदेश उसकी सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के सहयोग से यह व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा निवेश एवं औद्योगिक सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 देशों की भागीदारी और विभिन्न राजदूतों की उपस्थिति ने इस आयोजन की प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और लैटिन अमेरिका-कैरेबियाई देशों के बीच सहयोग की यात्रा अभी लंबी है और भविष्य में इससे भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
कार्यक्रम में फोरम के अध्यक्ष एवं ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र जोशी ने बताया कि संस्था पिछले एक दशक से भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और भारतीय निर्यात को विश्व के 150 से अधिक देशों तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के अलावा अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा मध्य एशिया के देशों में भारतीय उद्योगों और उत्पादों की व्यापक संभावनाएं हैं।
डॉ. जोशी ने बताया कि मध्य प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति और राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी नीतियों को देखते हुए इस वर्ष फोरम के लिए इंदौर का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत और लैटिन अमेरिका के बीच लगभग 50 अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है, जो अगले पांच वर्षों में बढ़कर 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एसएमई) क्षेत्र के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मप्र के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश और निर्यात के लिये उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने यहां के ईको सिस्टम के बारे में भी बताया। उन्होंने मध्य प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा और निवेशकों तथा निर्यातकों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर इंडिया-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई विशेषांक ‘बिजनेस टाइकून्स’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। साथ ही ‘इंडिया-लैटिन अमेरिका एंड कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026’ की आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट का शुभारंभ किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

