दो वर्षों में डाक विभाग ने राजस्व में दर्ज की 2,155 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व वृद्धि : सिंधिया
- केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने मप्र के शिवपुरी में रखी देश के 7वें पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर की नींव
शिवपुरी, 02 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि डाक सेवा को डिजिटल बनाकर 140 करोड़ भारतीयों को इससे जोड़ा जाए। इसी संकल्प की प्राप्ति की दिशा में डाक विभाग निरंतर आगे बढ़ रहा है और पिछले दो वर्षों में विभाग ने राजस्व में 2,155 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया बुधवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला मुख्यालय स्थित प्रधान डाकघर में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर शिवपुरी में देश के 7वें पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर का भूमिपूजन किया। यह केन्द्र डाक विभाग के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के तंत्र को मजबूत करने के साथ मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों के डाक कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और नई पीढ़ी के कौशल का प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप यह केन्द्र डाक विभाग को बदलते समय की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।अब 600 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा।
शिवपुरी में मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना से मध्य प्रदेश के डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए लगभग 600 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। शिवपुरी में ही उन्हें आधुनिक सुविधाओं और नई तकनीकों से युक्त प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। इसी भावना के साथ यह केन्द्र ज्ञान, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाएगा। बदलते समय के साथ डाक सेवाओं का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है और कर्मचारियों को इन परिवर्तनों के अनुरूप तैयार करना हमारी प्राथमिकता है।
देश के 7वें केन्द्र से मजबूत होगा डाक विभाग का प्रशिक्षण तंत्र
सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी का यह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर देश में पहले से संचालित छह पोस्टल ट्रेनिंग सेंटरों की शृंखला का विस्तार है। वर्तमान में सहारनपुर, वडोदरा, मैसूर, गुवाहाटी, मदुरई और दरभंगा में ये केन्द्र संचालित हैं और प्रतिवर्ष लगभग 2,000 डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का क्षेत्रफल की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा राज्य है और भारत के मध्य में स्थित शिवपुरी अपनी भौगोलिक स्थिति एवं कनेक्टिविटी के कारण राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केन्द्र के लिए उपयुक्त स्थान है। यहां डाक कर्मचारियों को विशेषज्ञता आधारित, तकनीक-सक्षम और नई पीढ़ी के प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।“
उन्होंने कहा कि डाक सेवा को डिजिटल बनाकर 140 करोड़ भारतीयों को इससे जोड़ना है। जिस डाक विभाग में कभी वार्षिक राजस्व वृद्धि 100-200 करोड़ रुपये के आसपास हुआ करती थी, उसी विभाग का राजस्व वर्ष 2024 में 13,218 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 15,296 करोड़ रुपये हो गया। यानी केवल एक वर्ष में 2,078 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन डाक विभाग की बदलती कार्यप्रणाली, तकनीक के बढ़ते उपयोग और नई सेवाओं के विस्तार का प्रमाण है।
नई तकनीक, नए कौशल और नए भारत के लिए तैयार होगा डाक विभाग
सिंधिया ने कहा कि आज डाक विभाग केवल पारंपरिक डाक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से देश के नागरिकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप स्वयं को निरंतर तैयार कर रहा है। शिवपुरी का नया पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर इस परिवर्तन को गति देगा और डाक कर्मचारियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के लिए तैयार करेगा।
इस अवसर पर विधायकगण देवेंद्र जैन, महेंद्र यादव व प्रीतम लोधी, कलेक्टर अर्पित वर्मा, पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया, जिला अध्यक्ष जसमंत जाटव, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव, नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता रावत, कर्नल एस.एफ.एच.रिजवी (सदस्य, एचआरडी डाक सेवा बोर्ड), चीफ पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर, पूर्व विधायक ओम प्रकाश खटीक, प्रहलाद भारती, भैया साहब लोधी, राजू बाथम एवं हरवीर रधुवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, संबंधित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

