home page

मप्र के जबलपुर पहुंचीं भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, खिलाड़ियों से की मुलाकात

 | 
मप्र के जबलपुर पहुंचीं भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा, खिलाड़ियों से की मुलाकात


जबलपुर, 23 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य डॉ. पीटी उषा का शुक्रवार मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंची। यहां प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सिविल लाइंस स्थित होटल नर्मदा जैक्सन में उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान डॉ. पीटी उषा ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने उनके खेल जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और देश के लिए योगदान का उल्लेख करते हुए उन्हें खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि देश में अनेक प्रतिभाएं हैं, लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिन पर केवल परिवार या प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरा देश गर्व करता है। देश की उड़नपरी डॉ. पीटी उषा ऐसी ही शख्सियत हैं।

उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी में पीटी उषा जैसी प्रतिभा का होना देश के लिए गौरव की बात है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि उसे पहचान मिले, लेकिन पीटी उषा जैसी प्रतिष्ठा और कीर्ति हासिल करना असाधारण उपलब्धि है। वर्षों के परिश्रम, समर्पण और उपलब्धियों से ही ऐसी ख्याति प्राप्त होती है।

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जब डॉ. पीटी उषा संसद में अपनी बात रखती हैं, तो सदस्य उन्हें केवल राज्यसभा सांसद के रूप में नहीं, बल्कि भारत का गौरव बढ़ाने वाली महान खिलाड़ी के रूप में सुनते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महान प्रतिभा का स्वागत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

संघर्ष और उपलब्धियों की मिसाल हैं पीटी उषा

मध्य प्रदेश ओलंपिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह ने डॉ. पीटी उषा की उपलब्धियों और उनके संघर्षपूर्ण सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका परिचय देने की आवश्यकता नहीं है। उड़नपरी और पय्योली एक्सप्रेस जैसे नामों से पहचानी जाने वाली पीटी उषा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश का नाम रोशन किया है।

उन्होंने पीटी उषा के शुरुआती जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि केरल के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का सफर संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद उन्होंने जिस ऊंचाई को हासिल किया, वह देश के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

संसद में भी प्रभावशाली रही है पीटी उषा की भूमिका

राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि ने डॉ. पीटी उषा के साथ अपने संसदीय अनुभव साझा करते हुए उनकी प्रतिभा, सादगी और देश के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने बताया कि जब डॉ. पीटी उषा राज्यसभा के लिए मनोनीत होकर सदन में आईं, तो सदस्यों में उन्हें सुनने और उनके अनुभव जानने को लेकर विशेष उत्सुकता थी। बाद में दोनों को सामाजिक न्याय संबंधी समिति में एक साथ काम करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें डॉ. उषा को करीब से जानने का मौका मिला।

सुमित्रा वाल्मीकि ने कहा कि डॉ. पीटी उषा संसद में बच्चों, महिलाओं और सामाजिक कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाती हैं। उनकी बात रखने की शैली और विषयों पर स्पष्टता सदन में सभी का ध्यान आकर्षित करती है। उन्होंने डॉ. उषा के अंतरराष्ट्रीय दौरों और खेल जगत में भारत का प्रतिनिधित्व करने का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी उपलब्धियों के बावजूद उनका सहज व्यवहार और विनम्रता उनके व्यक्तित्व की विशेषता है। उन्होंने कहा कि डॉ. पीटी उषा का जीवन संघर्ष, प्रतिभा, अनुशासन और विनम्रता का उदाहरण है। उनकी उपलब्धियां देश के युवाओं, विशेषकर महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर