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वर्तमान समय पीढ़ी के परिवर्तन की बेला, नए आयामों को स्वीकार कीजिए : नरेन्द्र सिंह तोमर

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वर्तमान समय पीढ़ी के परिवर्तन की बेला, नए आयामों को स्वीकार कीजिए : नरेन्द्र सिंह तोमर


- इंदौर में आयोजित भारतीय पत्रकारिता महोत्सव में शामिल हुए मप्र विधानसभा अध्यक्ष तोमर

इंदौर, 04 अक्टूबर (हि.स.)। जिसे आप जेन ज़ी कहते हैं, मैं उन्हें तरुण भारत कहता हूं। पूरी दुनिया में तरुण भारत जो चमत्कारिक कार्य कर रहा है, वह हम सभी के लिए आश्चर्यजनक है। नई पीढ़ी और हमारे बीच में सोच का अंतर हो सकता है, लेकिन नई पीढ़ी गलत दिशा में ही सोचेगी, ऐसा मानने का कोई कारण समझ में नहीं आता। वर्तमान समय पीढ़ी के परिवर्तन की बेला है। हम सबको अपनी सोच को व्यापक करना चाहिए, नए आयामों को स्वीकार करना चाहिए और भविष्य संभालने वाली पीढ़ी का स्वागत करना चाहिए।

यह विचार मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने रविवार को स्टेट प्रेस क्लब मध्य प्रदेश द्वारा इंदौर में 'क्या जेन ज़ी बनेंगे भारत के खेवनहार' विषय पर आयोजित भारतीय पत्रकारिता महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति परिवर्तन को प्रकृति का नियम मानती है। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता है, वैसे-वैसे नई पीढ़ी आती है। नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के सच में अंतर स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि परिवर्तन की प्रक्रिया स्वाभाविक है। हम सभी को भी इस प्रक्रिया के तहत स्वयं को तैयार करना चाहिए। कुछ लोग दिशा भ्रमित करने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि हमारी तरुणाई पूरी दुनिया में गर्व करने लायक कार्य कर रही है।

तोमर ने कहा कि हिंदुस्तान के नौजवान और तरुण पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में योगदान दे कर हिंदुस्तान का नाम रोशन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस प्रकार दुनिया में भारतीयों को जागृत करने का प्रयास किया है वह महत्वपूर्ण है। विदेशों में मोदीजी के कार्यक्रमों में शामिल तरुणाई के योगदान और अन्य देशों में किए जा रहे कार्यों को देख कर हम सभी को प्रसन्न होना चाहिए। नई पीढ़ी पर हमारा विश्वास और मजबूत होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारा देश दुनिया का बड़ा लोकतांत्रिक देश है। छोटे-छोटे देशों में लोकतंत्र को समृद्ध करना आसान होता है लेकिन 140 करोड़ के देश में लोकतंत्र को समृद्ध करना, उसे मजबूत बनाना और आगे बढ़ाना कठिन कार्य होता है। हमारा सौभाग्य है कि स्वतंत्रता संग्राम में हमारे पूर्वजों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर लहू से सनी हुई आज़ादी हिंदुस्तानियों को प्रदान की है उसकी कीमत सभी समझते हैं। चाहे सार्वजनिक जीवन में हों, कार्यपालिका में हों या न्यायपालिका या पत्रकारिता के क्षेत्र में, सभी अपनी-अपनी भूमिका को ठीक प्रकार से निर्वाण करते हैं, तभी लोकतंत्र बना रहता है।

उन्होंने कहा कि आज भारत में लोकतंत्र मजबूत हो रहा है तो इसमें प्रेस का भी बड़ा योगदान है। इंदौर पत्रकारिता की दृष्टि से भी बहुत ही समृद्ध है। नई पीढ़ी भी ठीक से अपने कर्तव्य का निर्वाह करे सेंट्रल प्रेस क्लब इसका भी ध्यान रख कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रेस क्लब के प्रतिनिधि, पत्रकारगण और विद्यार्थी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर