home page

मानव अधिकारों के संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : प्रियंक कानूनगो

 | 
मानव अधिकारों के संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : प्रियंक कानूनगो


- राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य ने मंडला में की विभागवार समीक्षा, विभिन्न योजनाओं की प्रगति परखी

मंडला, 29 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के मंडला में विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर मानव अधिकारों से जुड़ी योजनाओं एवं कानूनों के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों के संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एनएचआरसी सदस्य कानूनगो ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानव अधिकारों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा शासन-प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने आयोग द्वारा मांगी गई जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने तथा पीड़ितों को त्वरित न्याय एवं राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं और दिव्यांग कल्याण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड निर्माण की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

कानूनगो ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विभिन्न विषयवार बिंदुओं पर जिले से अद्यतन जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही नवजात शिशुओं के उपचार हेतु संचालित एनआरसी एवं न्यूबॉर्न केयर यूनिट की बेड ऑक्युपेंसी की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

पॉक्सो प्रकरणों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के निर्देश

महिला एवं बाल विकास तथा बाल संरक्षण से जुड़े विषयों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में पॉक्सो एक्ट के 68 प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं। पीड़ित बच्चों को कानूनी एवं मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए 43 सपोर्ट पर्सन इम्पैनल किए गए हैं। कानूनगो ने पॉक्सो तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े प्रकरणों की पृथक समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

शिक्षा में बढ़े नामांकन, सभी पात्र बच्चों को मिले छात्रवृत्ति

शिक्षा विभाग की समीक्षा में समग्र शिक्षा के अंतर्गत सत्र 2026-27 के विद्यालयी नामांकन की जानकारी प्रस्तुत की गई। कानूनगो ने आठवीं से नौवीं, नौवीं से दसवीं तथा दसवीं से उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं में संक्रमण दर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के सभी पात्र विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए। आधार कार्ड संबंधी लंबित मामलों को नियमानुसार यूआईडीएआई को भेजने तथा आश्रम शालाओं एवं विद्यालयों को दिए जाने वाले अनुदानों की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश भी दिए।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत राहत प्रकरणों की स्थिति पर चर्चा करते हुए कानूनगो ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर राहत और सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की समीक्षा के दौरान कानूनगो ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं अप्रेन्टिसशिप के अधिक अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का सर्वे कर युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अधिक अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत मछली पालन, राजमिस्त्री, बढ़ई सहित विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान आयोग सदस्य ने कहा कि जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इन क्षेत्रों की बड़ी आबादी शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर रहती है। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि पिछले दो वर्षों में बॉन्ड अवधि के दौरान सेवा छोड़ने वाले एमबीबीएस एवं एमडी चिकित्सकों की जानकारी शासन को भेजी जाए ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। आरबीएसके कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने जुवेनाइल डायबिटीज की स्क्रीनिंग को भी प्राथमिकता से शामिल करने के निर्देश दिए।

बैठक में यूडीआईडी कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, दिव्यांग पुनर्वास योजना, दिव्यांग कौशल विकास योजना, वायुश्री योजना, आदर्श बालगृह, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन, मुख्यमंत्री कोविड-19 योजना, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, खेलो इंडिया तथा मानव दुर्व्यापार रोकथाम से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। निरामय योजना की समीक्षा के दौरान कानूनगो ने योजना के अपेक्षित क्रियान्वयन पर असंतोष व्यक्त करते हुए सामाजिक न्याय विभाग को इसमें तेजी लाने और अधिक प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर