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संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन पहुंचे, स्वयंसेवकों से संवाद और ‘युवा धर्म संसद’ का करेंगे उद्घाटन

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संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन पहुंचे, स्वयंसेवकों से संवाद और ‘युवा धर्म संसद’ का करेंगे उद्घाटन


संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन पहुंचे, स्वयंसेवकों से संवाद और ‘युवा धर्म संसद’ का करेंगे उद्घाटन


उज्जैन, 17 सितम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत गुरुवार को मध्य प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर उज्जैन पहुंच गए हैं। वे यहां संघ की संगठनात्मक बैठकों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे। इसके साथ ही वे शुक्रवार को गीता भवन में आयोजित युवा धर्म संसद-2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

सरसंघचालक डॉ. भागवत आज दोपहर इंदौर पहुंचे, जहां संघ पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से शाम को उज्जैन आए। वे शुक्रवार को दोपहर तक उज्जैन में रहेंगे। इस दौरान वे अरविंद नगर स्थित महाकाल परिसर में स्वयंसेवकों की विशेष बैठक में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में जिलेभर से करीब 600 अपेक्षित स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी है। बैठक के दौरान डॉ. भागवत करीब डेढ़ घंटे तक स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे।

वहीं, उज्जैन के माधव विज्ञान महाविद्यालय स्थित गीता भवन परिसर में सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय युवा धर्म संसद 2026 गुरुवार को पुस्तक मेला एवं प्रदर्शनी के साथ शुरु हुई। शुक्रवार को इसके विधिवत उद्घाटन के बाद विभिन्न सत्रों में प्रख्यात चिंतक, विद्वान और विशेषज्ञ युवाओं से संवाद करेंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. भागवत उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे और देशभर से जुटे युवाओं को चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का संदेश देंगे। आयोजन में 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 1600 से अधिक युवा हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के बाद डॉ. भागवत दोपहर में उज्जैन से रवाना होंगे। उनके दौरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संघ पदाधिधारियाें स्वयंसेवकाें ने सुरक्षा समेत अन्य व्यवस्थाएं की हैं।

उज्जैन में आयोजित राष्ट्रीय युवा धर्म संसद 2026 में देशभर से आए 1600 से अधिक युवा प्रतिनिधियों में आयोजन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। संवाद और विचार-विमर्श के इस मंच पर युवाओं ने अपने विचार साझा किए। अशोकनगर की पलक सोनी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के शिकागो संबोधन की स्मृति में हाे रही यह संसद उनके लिए केवल भाषण सुनने का मंच नहीं, बल्कि अपने सांस्कृतिक उत्तरदायित्व को समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज का युवा अवसरों की तलाश करने के साथ अपनी क्षमताओं से नए अवसरों का सृजन भी कर रहा है।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला एवं प्रदर्शनी है। इसमें देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए वरिष्ठ और युवा कलाकार सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों को कैनवास पर उकेर रहे हैं। सेवाज्ञ संस्थानम् के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में बनारस, दिल्ली, गाजियाबाद, सागर, जयपुर, प्रयागराज और अशोकनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार भारत-भाव थीम पर कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं।

युवा धर्म संसद में शामिल होने बनारस से अकेले उज्जैन पहुंचीं 60 वर्षीय वरिष्ठ चित्रकार पद्मिनी जसवंत मेहता ने कहा कि चित्र बनाना और सृजन करना उनके जीवन का मिशन है। वह अपनी कला यात्रा का अनुभव युवा पीढ़ी के साथ साझा करना चाहती हैं। जयपुर, राजस्थान से आए शंकरसिंह राजावत ने शिव और हनुमानजी के एकाकार रुद्र रूप की रचना तैयार की है। उज्जैन की कलाकार सुमन डोगरे ने हनुमान जी के तेजोमय रूप को कैनवास पर उकेरा है। बनारस से आईं आरती चौरसिया ने महाकवि कालिदास की अमर कृति ‘मेघदूत’ पर आधारित चित्र तैयार किया है।

बनारस से आए आर्यन कुमार संत कबीर और गोस्वामी तुलसीदास के व्यक्तित्व को रंगों के माध्यम से चित्रित करते नजर आए। इनके अलावा अमन कुशवाह (प्रयागराज), रामनयन (वाराणसी), पलक सोनी (अशोकनगर), जतिन जाटव (सागर) और रतना शिवप्रिया ने भी भारतीय मूल्यों और संस्कृति को अपनी चित्रकारी के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

प्रयागराज के अमन कुशवाह ने कहा कि 24 राज्यों के युवाओं और कलाकारों से मिलकर ऐसा लगता है, जैसे पूरा भारत अवन्तिका की पावन धरा पर सिमट आया है। उनके अनुसार ऋषि-कृषि संस्कृति और सनातन चेतना भारत की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

आयोजकों के अनुसार 2018-19 में शुरू हुई इस यात्रा का आयोजन काशी (2019), अयोध्या (2022), मथुरा (2023), हरिद्वार (2024) और कांचीपुरम (2025) में हो चुका है। अब इसका छठा पड़ाव उज्जैन में है। आयोजकों ने बताया कि इस शृंखला का अगला संस्करण द्वारका में आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए पंजीकरण जुलाई 2027 से शुरू होंगे। 19 सितंबर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का समापन होगा।

इसमें स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, मनोज मुंतशिर, प्रो. श्रीनिवास वरखेडी और प्रो. हिमांशु राय (आईआईएम इंदौर) सहित कई प्रमुख हस्तियां युवाओं से संवाद करेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर