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मीनाक्षी नटराजन नामांकन मामले में दिग्विजय सिंह बोले- सीट की मिली-जुली चोरी में सुप्रीम कोर्ट भी शामिल

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मीनाक्षी नटराजन नामांकन मामले में दिग्विजय सिंह बोले- सीट की मिली-जुली चोरी में सुप्रीम कोर्ट भी शामिल


- भाजपा ने बताया न्यायपालिका का अपमान, कहा- कार्रवाई होना चाहिए

भोपाल, 11 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के विवाद पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय, चुनाव आयोग और सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सीट की मिली-जुली चोरी है और इसमें सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है।

दिग्विजय सिंह के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। राज्य सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को चोर कहना न्यायपालिका का अपमान है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

दरअसल, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है, जबकि चुनाव आयोग ने भी मामले में कोई राहत नहीं दी। इसी बीच भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की। चुनाव आयोग ने गुरुवार को पार्टी उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाण पत्र भी दे दिए हैं।

मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुनवाई टलने के बाद दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें पहले से आशंका थी कि ऐसा ही होगा। मालूम था कि जब चोरी हुई है तो चोरी में सभी शामिल हैं। केवल राज्य सरकार नहीं, केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मुझे कहना पड़ रहा है कि उच्चतम न्यायालय भी। जब उच्चतम न्यायालय को मालूम था कि हमारी याचिका चार बजे के बाद निष्प्रभावी हो जाएगी तो आज सुनवाई क्यों नहीं की गई, कल की तारीख क्यों लगाई गई। यह सब मिली-जुली चोरी है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में मीनाक्षी नटराजन से अधिक गांधीवादी व्यक्ति नहीं देखा। उनके मुताबिक मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है और उन्हें जिस आधार पर चुनाव से बाहर किया गया है, वह अनुचित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को पूरे देश में उठाएगी और मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजने की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेगी।

वहीं, दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर भाजपा और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग की जुगलबंदी ने सीट चोरी की है। कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन मामूली आपत्ति पर खारिज कर दिया गया, जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को त्रुटियां सुधारने का मौका दिया गया। चुनाव आयोग ने दोनों उम्मीदवारों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया और कांग्रेस की आपत्तियों का जवाब भी नहीं दिया।

दिग्विजय सिंह के बयान पर मप्र के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि उच्चतम न्यायालय को चोर बोलना बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक है। यह न्यायपालिका का अपमान है। उच्चतम न्यायालय को स्वयं संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। सारंग ने कहा कि कांग्रेस पहले चुनाव आयोग, सरकार और ईवीएम पर सवाल उठाती रही है, अब उसने न्यायालय को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार हमला कर रही है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास सीट जीतने लायक संख्या बल भी था, लेकिन नौ जून को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा ने उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने खिलाफ लंबित एक प्रकरण की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया।

इसके बाद कांग्रेस पहले चुनाव आयोग और फिर उच्चतम न्यायालय पहुंची। पार्टी ने नामांकन निरस्त करने के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, लेकिन गुरुवार को उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित कर दी। इसी बीच भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। कांग्रेस का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया में देरी के कारण उसकी उम्मीदवार को राहत नहीं मिल सकी, जबकि भाजपा इसे कांग्रेस की राजनीतिक हताशा बता रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर