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मप्र में मिलावटखोरी पर बड़ी कार्रवाई, 5.61 करोड़ रुपये कीमत की खादय सामग्री जब्त

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मप्र में मिलावटखोरी पर बड़ी कार्रवाई, 5.61 करोड़ रुपये कीमत की खादय सामग्री जब्त


भोपाल, 25 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन के त्योहार से पहले मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने 20 जुलाई से मंगलवार, 25 अगस्त तक अभियान चलाकर क गई इस कार्रवाई में 5.61 करोड़ रुपये कीमत की 11.73 लाख किलो संदिग्ध और मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है।

जांच में घी, मावा, मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों में गड़बड़ी सामने आई है। सबसे बड़ा खुलासा घी को लेकर हुआ है। भोपाल-इंदौर समेत आठ शहरों में 25 ब्रांड के घी के नमूने अमानक मिले हैं। कुछ नमूनों में पाम ऑयल समेत अन्य मिलावट की पुष्टि हुई है। भोपाल में 9, इंदौर में 7 और उज्जैन में 3 नमूने फेल हुए हैं। इसके अलावा कटनी, नर्मदापुरम, डिंडौरी, धार और दमोह में भी घी के अमानक नमूने मिले हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मंगलवार को जानकारी दी गई कि अभियान के दौरान प्रदेशभर से 4,642 नमूने लिए गए। इनमें 2,605 वैधानिक और 2,037 निगरानी नमूने हैं। प्रयोगशाला में जांचे गए 680 नमूनों में से 174 अमानक पाए गए। कार्रवाई में 18 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या पंजीयन निरस्त किए गए और 172 नोटिस जारी किए गए।

10,835 किलो प्रतिबंधित एनालॉग पनीर जब्त

प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। विभाग ने 10,835 किलो स्टॉक जब्त किया है। इसके उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर रोक के बाद अब ऐसे कारोबारियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

नागपुर से आया 166 किलो मिल्क केक भी फेल

भोपाल के नादरा बस स्टैंड से जब्त 166 किलो मिल्क केक का नमूना भी अमानक पाया गया। सोमवार को कार्रवाई के दौरान 150 किलो मावा और 166 किलो मिल्क केक जब्त किया गया था। जांच में मिल्क केक मानकों पर खरा नहीं उतरा। विभाग के मुताबिक यह मिल्क केक नागपुर के जरीपटका स्थित मनन स्वीट्स से भोपाल लाया गया था। खाद्य सुरक्षा नियंत्रक मनोज पुष्प ने नागपुर कलेक्टर को पत्र भेजकर संबंधित कारोबारियों पर कार्रवाई के लिए कहा है।

गुजरात के घी निर्माता पर भी कार्रवाई

खेड़ा जिले की बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स के घी का नमूना भी जांच में असुरक्षित पाया गया। खाद्य सुरक्षा नियंत्रक ने गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र भेजकर निर्माता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

25 घी ब्रांड पर कोर्ट केस की तैयारी

असुरक्षित पाए गए घी के ब्रांडों के निर्माता और विक्रेताओं के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। त्योहारों से पहले हुई इस कार्रवाई ने बाजार में बिक रहे घी, मावा, मिठाई और पनीर की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खाद्य विभाग का कहना है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर