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मप्र के मैहर में एक साथ 3430 छात्र-छात्रों ने कथक की प्रस्तुति देकर रचा इतिहास

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मप्र के मैहर में एक साथ 3430 छात्र-छात्रों ने कथक की प्रस्तुति देकर रचा इतिहास


मप्र के मैहर में एक साथ 3430 छात्र-छात्रों ने कथक की प्रस्तुति देकर रचा इतिहास


- एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ मैहर का नाम

भोपाल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी मैहर ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित मैहर गौरव दिवस के तहत सोमवार को इतिहास रच दिया। शहर के फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के 3,430 छात्र-छात्राओं ने एक साथ और एक लय में लगातार 9 मिनट 34 सेकेंड तक सामूहिक कथक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया है।

सोमवर को फुटबॉल ग्राउंड पर मैहर का गौरव दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि विधान के साथ पूजा अर्चना के साथ शुरु हुई। इस अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक कथक नृत्य प्रस्तुति में हजारों विद्यार्थियों ने कथक की विभिन्न मुद्राओं और नृत्य शैलियों का एक साथ प्रदर्शन किया। एक ही समय पर हजारों छात्र-छात्राओं का अनुशासित तरीके से एक लय में कदमताल करते हुए कथक प्रस्तुत करना कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। फुटबॉल ग्राउंड में मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।

सामूहिक कथक प्रस्तुति के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने कार्यक्रम का मूल्यांकन किया। निर्धारित मानकों के अनुसार प्रस्तुति पूरी होने के बाद मैहर के नाम इस उपलब्धि को दर्ज किया गया। इसके बाद एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से प्रमाण पत्र सौंपा गया। मंच पर मौजूद मैहर जिले की प्रभारी मंत्री राधा सिंह, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह को रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

कथक के बाद हुई गंगा आरती

रिकॉर्ड प्रस्तुति के समापन के बाद कार्यक्रम स्थल पर गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहरवासी मौजूद रहे। मैहर गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित इस आयोजन ने धार्मिक नगरी की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित किया।

मैहर गौरव दिवस के इस आयोजन में विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। हजारों विद्यार्थियों का एक साथ कथक प्रस्तुत करना न केवल सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि मैहर की कला, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता का भी प्रदर्शन रहा। 3430 विद्यार्थियों की की सामूहिक कथक प्रस्तुति और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज उपलब्धि मैहर के लिए गौरव का विषय बन गई है।

एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के अधिकारी बीके जैन ने बताया कि ''एक साथ 3430 छात्रों के द्वारा सामूहिक कत्थक की प्रस्तुति दी गई है. जिसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इसके पहले का रिकॉर्ड 1400 छात्रों का रहा है, जिन्होंने सामूहिक कत्थक की प्रस्तुति दी गई थी। आज यह रिकॉर्ड मैहर के फुटबॉल ग्राउंड पर टूटा है, जिसमें 3430 छात्रों ने एक साथ 9 मिनट से अधिक समय तक कथक की प्रस्तुति दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर