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(अपडेट) मप्र के उज्जैन में नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल, चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भक्तों को दिए दर्शन

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(अपडेट) मप्र के उज्जैन में नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल, चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भक्तों को दिए दर्शन


उज्जैन, 03 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली सवारियों के क्रम में सावन के पहले सोमवार को विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल की पहली सवारी धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान भगवान महाकाल चांदी ने पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण कर अपनी प्रजा का हाल जाना। इस दौरान बाबा महाकाल ने चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए।

इससे पूर्व महाकाल मंदिर में बाबा का जल, दुग्ध और पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों का रस) से अभिषेक कर दिव्य श्रृंगार किया गया। इस पावन अवसर पर तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। 'वैदिक उद्घोष' की विशेष थीम पर आधारित इस पहली सवारी में सैकड़ों वेदपाठी बटुकों के मुख से गूंजती वैदिक ऋचाओं ने पूरी तीर्थपुरी में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया।

महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा के अनुसार दोपहर 3:30 बजे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने भगवान के रजत मुखारविंद का पूजन कर पालकी को रवाना किया, जिसके बाद मुख्य द्वार पर पुलिस बल की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद शाम 4 बजे महाकाल की सवार मंदिर से रवाना हुई, जो सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी, कहारवाड़ी होकर मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंची, जहां आशीष पुजारी ने बाबा महाकाल का पवित्र शिप्रा जल से विधि-विधान के साथ पूजन और अभिषेक किया। इस दौरान बाबा के दर्शन के लिए घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूजन के बाद गणगौर दरवाजा, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए शाम 7 बजे पुनः मंदिर लौटी।

बाबा महाकाल की सवारी के दौरान पांच किलोमीटर लंबा मार्ग झांझ-डमरू, भजन मंडलियों, आदिवासी लोकनृत्यों और श्रद्धालुओं की पुष्पवर्षा से सराबोर रहा। लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए थे। सुरक्षा व्यवस्था में 3 एएसपी, 23 डीएसपी/सीएसपी, 32 निरीक्षक, 85 एसआई सहित 1200 से अधिक पुलिसकर्मी और 500 से अधिक वालंटियर्स तैनात रहे।

सवारी मार्ग पर 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और 5 ड्रोन से हवाई निगरानी की। महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, हरसिद्धि की पाल, रामानुज कोट, छत्रीचौक और गोपाल मंदिर जैसे प्रमुख प्रेशर पाइंटों पर अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई थी। इसके अलावा संवेदनशील इमारतों की छतों पर दूरबीन के साथ जवान तैनात रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर