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पीएम-राहत योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी

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पीएम-राहत योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी


- पूरे देश में पंजीबद्ध कुल प्रकरणों में मध्य प्रदेश राज्य के ही 28% प्रतिशत

भोपाल, 28 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वाहन दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को अविलम्ब राहत पहुचाने के उद्देश्य से 13 फरवरी 2026 को शुरू की गई पीएम राहत योजना को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में पुलिस, प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग में समन्वय से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस महत्वकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी है।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना में वाहन दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सूचीबद्ध अस्पताल में उपचार के लिए जाने पर 1.5 लाख रुपये तक का उपचार तथा 07 दिवस उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। यदि पीडि़त को गैर सूचीबद्ध अस्पताल इलाज के लिये ले जाया जाता है तो उसके प्राथमिक उपचार करने के भुगतान की सुविधा भी इस योजना में है। गत 16 जुलाई तक की स्थिति में मध्य प्रदेश में 6044 प्रकरण इस योजना के अंतर्गत उपचार के लिये पंजीबद्ध हुए हैं, जो कि देश में पंजीबद्ध कुल प्रकरणों का 28 प्रतिशत है। यह इस योजना का मध्य प्रदेश में सफल संचालन को प्रदर्शित करता है।

योजना के मुख्य बिंदु

- प्रधानमंत्री द्वारा संपूर्ण भारत वर्ष में वाहन दुर्घटना के घायल व्यक्तियों को कैसलेस उपचार योजना की शुरुआत की गई।

- योजना के अंतर्गत, दुर्घटना दिनांक से अधिकतम 07 दिवस तक 1.5 लाख तक का उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

- योजना के क्रियान्वयन में मप्र सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अग्रणी है।

योजना के मुख्य बिंदु - पात्रता एवं कवरेज

कोई भी व्यक्ति जो किसी वाहन से सड़क दुर्घटना का पीडि़त है, इस योजना के अंतर्गत उपचार प्राप्त कर सकता है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना समय से 24 घण्टे के भीतर अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य है। पीडि़त ऐसी दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन की अवधि के लिये किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में प्रति पीडि़त डेढ़ लाख रूपए तक के उपचार का हकदार है।

योजना का सफल क्रियान्वयन

योजना के क्रियान्वयन के लिये पीटीआरआई द्वारा जिलों के एसपी, एडिशनल एसपी एवं थाना प्रभारियों को ऑनलाईन तथा ऑफलाईन प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित भी किया गया है। पुलिस अधिकारी ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट पर दुर्घटना मामलों का 24 घण्टे में सत्यापन/पुष्टि सुनिश्चित करते है। अस्पताल द्वारा सड़क दुर्घटना के प्रकरण TMS एप्लीकेशन में घायल आईडी दर्ज करते हुए ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट पर पुलिस अनुमोदन के लिये भेजी जाती है।

सामान्य वाहन दुर्घटना के प्रकरणों में प्रकरण को 24 घण्टे के भीतर संबंधित जिले के संबंधित थाने द्वारा ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट पर सड़क दुर्घटना का प्रकरण दर्ज करते हुये अनुमोदन की कार्रवाई की जाती है। गंभीर वाहन दुर्घटना के प्रकरणों में पुलिस विभाग को अनुमोदन के लिये 48 घण्टे का प्रावधान किया गया है, जिसमें प्रथम 24 घण्टे पूर्ण होने के उपरांत राज्य के पुलिस प्रमुख को ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट एम्पलीकेशन में एसएमएस के माध्यम से अलर्ट दिया जाता है। दुर्घटना स्थल दूसरे जिले का होने की स्थिति में संबंधित जिले को 3 घण्टे के भीतर प्रकरण भेजने का प्रावधान है। इस प्रकार पुलिस, प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के उत्कृष्ठ समन्वय के द्वारा उक्त योजना को लागू करवाने में मप्र अग्रणी राज्य बना हुआ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर