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मप्र में कूनो के जंगल से 21 दिन से लापता मादा चीता निर्वा सुरक्षित मिली, बाड़े में लाई गई वापस

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मप्र में कूनो के जंगल से 21 दिन से लापता मादा चीता निर्वा सुरक्षित मिली, बाड़े में लाई गई वापस


भोपाल, 28 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध कूनो राष्ट्रीय उद्यान से करीब 21 दिन पहले लापता हुई दक्षिण अफ्रीकी से लाई गई मादा चीता निर्वा आखिरकार सुरक्षित मिल गई। उसका सैटेलाइट कॉलर काम नहीं कर रहा था, जिस कारण सिग्नल मिलना बंद हो गया था। लंबी तलाश के बाद टीम ने निर्वा का पता लगाया और शुक्रवार को उसे सुरक्षित वापस बाड़े में छोड़ा गया।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्र निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने शुक्रवार को चीता प्रोजेक्ट की उपलब्धियों को एक्स पर साझा करते हुए निर्वा की तलाश को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि कॉलर से सिग्नल नहीं मिलने के बावजूद टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। करीब 21 दिन तक उसकी लोकेशन की पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी थी।

क्षेत्र निदेशक शर्मा ने बताया कि निर्वा के कॉलर से सिग्नल बंद होने के बाद उसकी निगरानी चुनौती बन गई थी। मानसून के दौरान जंगल में उसकी मौजूदगी और लगातार बदलते मौसम के बीच टीम के सामने उसे खोजने की चुनौती थी। आखिरकार उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और उसे सुरक्षित वापस लाया गया।

गायब होने पर दिल्ली तक पहुंची थी शिकायत

निर्वा के लंबे समय तक ट्रेस नहीं होने और कॉलर खराब होने को लेकर वाइल्ड लाइफ वर्कर अजय दुबे ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री तथा एनटीसीए के सदस्य सचिव को लिखित शिकायत भी की थी। शिकायत में मामले की उच्च स्तरीय जांच और कॉलर की तकनीकी खराबी की जांच की मांग की गई थी।

शिकायत में कूनो में स्निफर डॉग इलू और रूबी की मौत का मामला भी उठाया गया है। दोनों मामलों में प्रबंधन की कथित लापरवाही की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कूनो में वन्यजीवों के शिकार के मामलों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की गई है।

निर्वा के सुरक्षित मिलने के बाद फिलहाल चीता प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के लिए यह राहत की खबर है। हालांकि, उसके कॉलर ने सिग्नल क्यों देना बंद किया और इतने दिनों तक उसकी लोकेशन क्यों नहीं मिल सकी, इसे लेकर उठे सवालों का जवाब जांच से ही स्पष्ट होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर