मप्रः सागर के जहरीली शराब कांड की होगी न्यायिक जांच, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
- इरशाद वली बनाए गए सागर संभाग के नए आईजी
भोपाल, 09 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को विदेश दौरे से लौटते ही सागर में अवैध शराब से मृत्यु के मामले में बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने सागर के अवैध शराब मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मामले में सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही और अनियमितता पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। सभी की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर दिलीप कुमार ने सागर संभाग के आयुक्त पद की कमान संभाल ली है। इस गंभीर मामले में मुख्यमंत्री ने सख्त और निर्णायक प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर पुलिस रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की जिम्मेदारी सौंपी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सागर जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनका हाल जाना। इस दौरान उन्होंने कहा कि आरोपियों पर आजीवन कारावास और फांसी वाली धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन को फ्री हैंड दिया गया है। अतिक्रमण तोड़ने समेत जो भी जरूरी कार्रवाई है, वह की जाएगी।
गौरतलब है कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में बीती शनिवार की रात लोगो ने जहरीली शराब थी, जिससे 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई थी। बुधवार तक जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि, प्रशासन ने 15 मौतों की ही पुष्टि की है। अभी भी कई मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने मामले में 33 आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है और उनमें से 16 को गिरफ्तार भी कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

