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मप्र : टी-72 और टी-90 टैंकों की बदलेगी क्षमता, जबलपुर में रक्षा मंत्री ने किया 472 करोड़ की परियोजना का भूमिपूजन

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मप्र : टी-72 और टी-90 टैंकों की बदलेगी क्षमता, जबलपुर में रक्षा मंत्री ने किया 472 करोड़ की परियोजना का भूमिपूजन


मप्र : टी-72 और टी-90 टैंकों की बदलेगी क्षमता, जबलपुर में रक्षा मंत्री ने किया 472 करोड़ की परियोजना का भूमिपूजन


मप्र : टी-72 और टी-90 टैंकों की बदलेगी क्षमता, जबलपुर में रक्षा मंत्री ने किया 472 करोड़ की परियोजना का भूमिपूजन


मप्र : टी-72 और टी-90 टैंकों की बदलेगी क्षमता, जबलपुर में रक्षा मंत्री ने किया 472 करोड़ की परियोजना का भूमिपूजन


भोपाल, 27 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर को रक्षा क्षेत्र की बड़ी सौगात मिली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीजेएफ) में टी-72 और टी-90 टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमिपूजन किया। करीब 472 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत जबलपुर में भारतीय सेना के टैंकों के ओवरहॉल, मरम्मत और तकनीकी अपग्रेड के लिए आधुनिक सुविधा विकसित की जाएगी।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि टी-72 और टी-90 टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट हमारी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने और रक्षा उत्पादन में 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जबलपुर में स्थित यह प्लांट सेना की फील्ड यूनिट्स के करीब होने के कारण, टैंक ओवरहॉल और रखरखाव के लिए ट्रांसपोर्टेशन के समय और लॉजिस्टिक्स की जरूरतों को काफी कम कर देगा, जिससे ऑपरेशनल क्षमता और तैयारी बेहतर होगी।

उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट मैन्युफैक्चरिंग, सहायक सेवाओं और कंपोनेंट सप्लाई के क्षेत्र में एमएसएमई के लिए नए अवसर पैदा करके घरेलू रक्षा मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को भी मजबूत करेगा। इससे एक मजबूत और लचीली रक्षा सप्लाई चेन विकसित करने में मदद मिलेगी और स्थानीय औद्योगिक विकास व रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि मैंने मध्य प्रदेश के एमएसएमई और इंडस्ट्री पार्टनर्स से भी बातचीत की, जिन्होंने 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य में योगदान देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा इकोसिस्टम को भी दर्शाता है। 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025' और 'इन्वेस्ट एमपी 3.0' जैसी पहल, मध्य प्रदेश को डिफेंस और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन को दर्शाती हैं। यह प्रोजेक्ट हमारे सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर स्वदेशी क्षमताओं के साथ एक मजबूत, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा औद्योगिक आधार बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश रक्षा विनिर्माण और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आधुनिक युद्ध शैली का जिक्र करते हुए कहा कि आज ड्रोन और मिसाइल का दौर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि टैंकों की भूमिका खत्म हो गई है। टैंकों को आधुनिक तकनीक, बेहतर सेंसर और नई क्षमताओं से लैस कर बदलते युद्धक्षेत्र के अनुरूप तैयार करने की जरूरत है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि भारतीय सेना को हर साल बड़ी संख्या में टैंकों के पुनरुद्धार और रखरखाव की जरूरत होती है। जबलपुर की नई परियोजना इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ताजा उपलब्ध जानकारी के मुताबिक परियोजना के पहले चरण में वीजेएफ में हर साल 12 टी-72 और टी-90 टैंकों का पूर्ण ओवरहॉल और अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक प्लांट के साथ टैंकों के रखरखाव, मरम्मत और परीक्षण के लिए टेस्टिंग ट्रैक भी विकसित किया जाएगा।

अभी टी-टैंकों के ओवरहॉल की मुख्य जिम्मेदारी आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (एवीएनएल) की हैवी व्हीकल्स फैक्ट्री (एचवीएफ), आवड़ी, चेन्नई के पास है। जबलपुर में नई सुविधा विकसित होने से देश में टैंकों के ओवरहॉल की उपलब्ध क्षमता बढ़ेगी और सेना को जरूरत के अनुसार टैंकों को जल्द ऑपरेशनल स्थिति में लाने में मदद मिलेगी।

रक्षा मंत्री ने देश में बढ़ते रक्षा उत्पादन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश का घरेलू रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ था, जो अब बढ़कर करीब 1.80 लाख करोड़ हो गया है। इसी अवधि में रक्षा निर्यात भी करीब 1,000 करोड़ से बढ़कर लगभग 39 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2028-29 तक रक्षा निर्यात को 50 हजार करोड़ से अधिक करने का लक्ष्य रखा है। आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के तहत देश में रक्षा उपकरणों के निर्माण के साथ-साथ मरम्मत, रखरखाव और अपग्रेडेशन की क्षमताओं को भी बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर